उत्तरी जापान पिछले दो हफ्तों से भीषण बर्फबारी की चपेट में है, जिसके चलते देशभर में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें कई लोग अचानक दिल का दौरा पड़ने, छतों से फिसलने, या भारी बर्फ हटाते समय घायल होने के कारण जान गंवा बैठे। बुधवार (4 फरवरी 2026) तक कुल 15 प्रांत इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं।
सबसे अधिक मौतें निगाता में, कई लोग बर्फ हटाते समय घायल
निगाता प्रांत में सबसे ज्यादा 12 लोगों की मौत दर्ज की गई है। उओनुमा शहर में एक व्यक्ति अपनी छत पर बर्फ हटाते समय गिरकर मृत पाया गया। नागाओका शहर में एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने घर के सामने गिरे हुए मिले और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। माना जा रहा है कि वे छत से फिसलकर नीचे आ गिरे थे।
दो मीटर तक जमा बर्फ, कई क्षेत्रों में हालात गंभीर
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में बर्फ की मोटाई लगभग दो मीटर तक पहुंच चुकी है, जिससे परिवहन, आवागमन और दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। आकिता प्रांत में सात और यामागाता में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। देशभर में अब तक 393 लोग घायल हो चुके हैं, जिनमें 126 गंभीर रूप से घायल हैं।
पिघलती बर्फ से नई मुश्किलें, भूस्खलन का खतरा
मौसम में हल्की गर्माहट के बीच भी प्रशासन ने चेतावनी दी है कि खतरा अभी टला नहीं है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा, बर्फ तेजी से पिघलेगी, जिससे भूस्खलन, सड़क धंसने और जगह-जगह फिसलन की आशंका और बढ़ जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बर्फ हटाते समय हेलमेट पहनें, सेफ्टी रस्सी का उपयोग करें और अनावश्यक खतरे न उठाएँ।
आपदा से निपटने के लिए विशेष टास्क फोर्स तैनात
निगाता और आसपास के इलाकों में राहत एवं बचाव के लिए कई विशेष टास्क फोर्स तैनात की गई हैं। 20 जनवरी से शुरू हुई इस बर्फबारी के कारण 14 घरों को भी नुकसान पहुंचा है, जिनमें से तीन निगाता और आठ आओमोरी प्रांत में हैं। भारी बर्फबारी की वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन जापान में सर्दियों के दौरान इस तरह जानलेवा दुर्घटनाएँ नई नहीं हैं। पिछले वर्ष भी छह महीनों में 68 लोग बर्फबारी से जुड़ी घटनाओं में मारे गए थे।
Comments (0)