अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हालिया रवैया कई देशों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। वेनेजुएला में कार्रवाई, अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की बात, ग्रीनलैंड पर कब्जे के संकेत और कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने जैसे कदमों ने वैश्विक राजनीति में अस्थिरता बढ़ा दी है। अब इसी कड़ी में अमेरिकी सैन्य बजट बढ़ाने का प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए नए सवाल खड़े कर रहा है।
1.5 ट्रिलियन डॉलर के सैन्य बजट का प्रस्ताव
ट्रंप ने बुधवार को दिए बयान में कहा कि वर्ष 2027 के लिए अमेरिका का सैन्य बजट करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर होना चाहिए, जो भारतीय मुद्रा में 120 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक है। उन्होंने इसे मौजूदा दौर की गंभीर और खतरनाक परिस्थितियों से जोड़ते हुए कहा कि ऐसे समय में देश को बेहद मजबूत सेना की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि 2026 के लिए अमेरिकी सैन्य बजट लगभग 901 अरब डॉलर है, जो इस प्रस्ताव से कहीं कम है।
‘ड्रीम मिलिट्री’ बनाने का दावा
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर अपने प्रस्ताव को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि बजट बढ़ने से अमेरिका एक ऐसी सेना खड़ी कर सकेगा, जिसे वह ‘ड्रीम मिलिट्री’ कहते हैं। ट्रंप के अनुसार यह सेना इतनी ताकतवर होगी कि अमेरिका को किसी भी दुश्मन से डरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सैन्य खर्च बढ़ाने में उन्हें कोई झिझक नहीं है, क्योंकि टैरिफ नीति के जरिए अमेरिका की आमदनी पहले ही बढ़ चुकी है।
बढ़ता सैन्य बजट क्यों बढ़ा रहा है चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार ट्रंप का यह प्रस्ताव केवल आर्थिक या रक्षा नीति का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसके पीछे रणनीतिक संकेत छिपे हो सकते हैं। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब हाल ही में ट्रंप ने वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए सैन्य ऑपरेशन के आदेश दिए थे और अमेरिकी सैन्य बल अब भी कैरिबियन सागर में तैनात हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका किसी बड़े सैन्य हस्तक्षेप के लिए तैयार हो सकता है।
ग्रीनलैंड और लैटिन अमेरिका पर नजर
ट्रंप हाल के दिनों में कई बार ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात कर चुके हैं। उन्होंने इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए सैन्य विकल्पों की संभावना भी जताई है। इसके अलावा कोलंबिया और क्यूबा को लेकर भी ट्रंप ने सख्त चेतावनियां दी हैं और संकेत दिए हैं कि इन क्षेत्रों में भी सैन्य कार्रवाई हो सकती है। इन बयानों ने अमेरिका की मंशा को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
दुनिया के लिए क्या संदेश दे रहा है अमेरिका
ट्रंप का बढ़ता सैन्य बजट प्रस्ताव दुनिया को यह संदेश दे रहा है कि अमेरिका आने वाले समय में और आक्रामक रुख अपना सकता है। जहां एक ओर इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह आशंका भी गहराती जा रही है कि अमेरिका किसी बड़े सैन्य या भू-राजनीतिक कदम की तैयारी में है।
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