वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध (Birthright) नागरिकता के नियमों को सीमित करने की दिशा में दो नए कार्यकारी आदेशों (Executive Orders) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम उस समय उठाया गया है, जब इससे पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ट्रंप प्रशासन के जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने वाले आदेश को खारिज कर चुका था। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में आदेशों पर हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने कहा कि जन्मसिद्ध नागरिकता को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनके प्रशासन के पक्ष में नहीं था और अब नियमों में बदलाव के जरिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
पहला आदेश: 'बर्थ टूरिज्म' पर सख्ती
नए आदेशों में पहला कदम तथाकथित "बर्थ टूरिज्म" को रोकने पर केंद्रित है।
बर्थ टूरिज्म उस स्थिति को कहा जाता है, जब कोई विदेशी नागरिक अस्थायी या नॉन-इमिग्रेंट वीजा पर केवल अमेरिका में बच्चे को जन्म दिलाने के उद्देश्य से प्रवेश करता है, ताकि बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिल सके।
- नए आदेश के तहत ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देने या इसमें सहायता करने वालों पर भी सख्ती की जाएगी।
दूसरा आदेश: नागरिकता के अयोग्य लोगों की सूची बढ़ाई
- दूसरे कार्यकारी आदेश में उन श्रेणियों का विस्तार किया गया है, जिनके बच्चों को जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता के लिए अयोग्य माना जा सकता है।
इसमें शामिल हैं—
- विदेशी सरकारों के कर्मचारियों के बच्चे
- अमेरिका द्वारा घोषित विदेशी आतंकवादी संगठनों के सदस्यों के बच्चे
- नागरिकता हासिल करने में धोखाधड़ी करने वाले व्यक्तियों के बच्चे
क्या कहता है अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन?
अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन, जो वर्ष 1868 में लागू हुआ था, यह व्यवस्था देता है कि अमेरिका में जन्म लेने वाले और अमेरिकी कानून के अधीन आने वाले सभी व्यक्ति अमेरिकी नागरिक होंगे।
इसी संवैधानिक प्रावधान के कारण जन्मसिद्ध नागरिकता का अधिकार लंबे समय से लागू है।
पहले भी कोशिश कर चुके हैं ट्रंप
अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में 20 जनवरी 2025 को ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने वाला एक कार्यकारी आदेश जारी किया था। उसमें कहा गया था कि अवैध रूप से रह रहे या अस्थायी वीजा पर मौजूद लोगों के अमेरिका में जन्मे बच्चों को स्वतः नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि, इस आदेश को कई अदालतों में चुनौती दी गई और निचली अदालतों ने इसके क्रियान्वयन पर रोक लगा दी।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले आदेश को किया था खारिज
30 जून को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप प्रशासन के पहले आदेश को खारिज करते हुए जन्मसिद्ध नागरिकता के संवैधानिक प्रावधान को बरकरार रखा था। अब ट्रंप प्रशासन नए कार्यकारी आदेशों के जरिए नागरिकता नियमों को और सख्त बनाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि इन नए आदेशों को भी कानूनी चुनौती मिलने की संभावना जताई जा रही है।
Key Highlights
- ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता पर दो नए कार्यकारी आदेश जारी किए।
- पहला आदेश बर्थ टूरिज्म को रोकने पर केंद्रित।
- दूसरा आदेश नागरिकता के अयोग्य लोगों की श्रेणियों का विस्तार करता है।
- विदेशी सरकारी कर्मचारियों और आतंकवादी संगठनों के सदस्यों के बच्चों को दायरे में लाया गया।
- इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ट्रंप के पुराने आदेश को खारिज कर चुका है।
- नए आदेशों पर भी कानूनी चुनौती की संभावना।