पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में विकसित हो रहे हालात को लेकर भारत सरकार सतर्क है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, खासकर उन भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई को ध्यान में रखते हुए जो ट्रांजिट या अल्पकालिक यात्रा के दौरान वहां फंसे हुए हैं।
शनिवार को जारी एक बयान में मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्र में रह रहे सभी भारतीयों को स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और अपने-अपने स्थानों पर मौजूद भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी एडवाइजरी का अनुसरण करने की सलाह दी गई है। मंत्रालय के अनुसार, इन देशों में स्थित भारतीय मिशनों ने विस्तृत परामर्श जारी करने के साथ ही 24×7 हेल्पलाइन भी शुरू की हैं, ताकि मौजूदा स्थिति में भारतीय नागरिकों की चिंताओं का समाधान किया जा सके।
विदेश मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि प्रभावित लोगों और उनके परिजनों के सवालों का जवाब देने और स्थिति पर नजर रखने के लिए एक विशेष नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है।
मंत्रालय के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में हवाई क्षेत्र के आंशिक रूप से खुलने के बाद भारतीय और विदेशी एयरलाइंस ने वाणिज्यिक उड़ानें संचालित करना शुरू कर दिया है। इन उड़ानों में नियमित और गैर-निर्धारित दोनों प्रकार की फ्लाइट शामिल हैं, जिनके जरिए ट्रांजिट या अल्पकालिक यात्रा पर गए भारतीय यात्रियों को वापस लाया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, 1 से 7 मार्च 2026 के बीच 52 हजार से अधिक भारतीय इन उड़ानों के माध्यम से खाड़ी क्षेत्र से सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। इनमें से 32,107 यात्रियों ने भारतीय एयरलाइंस की उड़ानों से यात्रा की है। आने वाले दिनों में और अधिक उड़ानें शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि जिन देशों में फिलहाल वाणिज्यिक उड़ानें उपलब्ध नहीं हैं, वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को निकटतम उपलब्ध उड़ान विकल्पों की जानकारी के लिए संबंधित भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करने की सलाह दी गई है। सरकार ने दोहराया कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में क्षेत्र के देशों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
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