नई दिल्ली। चलना सबसे आसान, सुरक्षित और असरदार शारीरिक गतिविधियों में गिना जाता है, लेकिन क्या ज्यादा चलना हमेशा फायदेमंद होता है? विशेषज्ञों के अनुसार सही मात्रा में वॉक दिल, वजन और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, जबकि जरूरत से ज्यादा चलना शरीर पर उल्टा असर भी डाल सकता है। हालिया अध्ययनों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह बताती है कि हर व्यक्ति के लिए आदर्श वॉकिंग दूरी अलग होती है। उम्र, फिटनेस स्तर, स्वास्थ्य स्थिति और चलने की गति के आधार पर इसकी जरूरत बदल सकती है।
रोजाना चलना क्यों है जरूरी?
वॉकिंग को सबसे प्रभावी लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज माना जाता है। यह हृदय को मजबूत बनाने, रक्त संचार सुधारने, वजन नियंत्रित रखने और मानसिक तनाव कम करने में मदद करती है। नियमित रूप से चलने वाले लोगों में कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम देखा गया है।
कितनी वॉक को माना जाता है आदर्श?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि जरूरी मानी जाती है। इसका मतलब है कि सप्ताह में लगभग छह दिन 25 मिनट तेज चाल से चलना पर्याप्त हो सकता है। सामान्य तौर पर यह दूरी 2 से 3 किलोमीटर के बीच होती है, हालांकि व्यक्ति की गति के अनुसार इसमें अंतर हो सकता है।
10 हजार कदम का लक्ष्य कितना सही?
रोज 10 हजार कदम चलने का लक्ष्य वर्षों से लोकप्रिय रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई अनिवार्य या जादुई संख्या नहीं है। कई शोधों में पाया गया है कि प्रतिदिन लगभग 7 हजार कदम चलने से भी स्वास्थ्य को महत्वपूर्ण लाभ मिल सकते हैं। समय से पहले मृत्यु के जोखिम में कमी और बेहतर फिटनेस जैसे फायदे 7 हजार कदम पर भी देखे गए हैं। 10 हजार या उससे अधिक कदम चलने पर लाभ बढ़ सकते हैं, लेकिन अंतर हमेशा बहुत बड़ा नहीं होता।
4 हजार कदम को लेकर क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
हाल के वर्षों में 4 हजार कदम प्रतिदिन को लेकर भी कई दावे सामने आए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि बिल्कुल निष्क्रिय रहने की तुलना में 4 हजार कदम भी बेहतर हैं और इससे स्वास्थ्य लाभ शुरू हो सकते हैं। हालांकि अधिकतर वयस्कों के लिए 6 से 8 हजार कदम या उससे अधिक चलना बेहतर परिणाम दे सकता है।
ज्यादा चलना कब बन सकता है समस्या?
जरूरत से ज्यादा वॉकिंग करने और शरीर को पर्याप्त आराम न देने पर ओवरट्रेनिंग जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इससे शरीर की रिकवरी प्रभावित होती है और फिटनेस बढ़ने के बजाय कम होने लगती है। विशेष रूप से अचानक बहुत ज्यादा दूरी चलना या रोजाना अत्यधिक वॉक करना नुकसानदेह हो सकता है।
शरीर देता है चेतावनी के संकेत
अगर वॉक के बाद लंबे समय तक मांसपेशियों में दर्द बना रहे, अत्यधिक थकान महसूस हो, शरीर भारी लगे या प्रदर्शन में गिरावट आने लगे, तो यह संकेत हो सकता है कि आप अपनी क्षमता से अधिक चल रहे हैं। बार-बार चोट लगना, मोच आना, चिड़चिड़ापन, भूख कम होना और बार-बार सर्दी-जुकाम होना भी अत्यधिक शारीरिक दबाव के संकेत माने जाते हैं।
अपनी क्षमता के अनुसार बनाएं लक्ष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी निश्चित संख्या का पीछा करने के बजाय नियमित सक्रिय रहना अधिक महत्वपूर्ण है। यदि आप वॉकिंग की शुरुआत कर रहे हैं, तो धीरे-धीरे समय और दूरी बढ़ाएं। वहीं पहले से फिट लोग अपनी सहनशक्ति के अनुसार गति और दूरी बढ़ा सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शरीर के संकेतों को समझें और जरूरत पड़ने पर पर्याप्त आराम भी लें।