भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नर्सिंग ऑफिसर गिरधारी चौधरी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती एक मरीज के परिजन से ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है।
ऑपरेशन के लिए उपकरणों के नाम पर मांगी रिश्वत
जानकारी के अनुसार शाजापुर निवासी विनोद मेवाड़ा की मां का इलाज AIIMS भोपाल में चल रहा था। पहले ऑपरेशन के बाद जब दूसरे ऑपरेशन की तैयारी की जा रही थी, तब नर्सिंग ऑफिसर गिरधारी चौधरी ने ऑपरेशन में उपयोग होने वाले मेडिकल उपकरणों का हवाला देते हुए ₹16,500 की रिश्वत की मांग की। बातचीत के दौरान बाद में यह रकम ₹12,000 पर तय हुई।
फोन रिकॉर्डिंग बनी अहम सबूत
रिश्वत की मांग से परेशान होकर विनोद मेवाड़ा ने इसकी शिकायत CBI से की और आरोपी की ओर से की गई बातचीत की फोन रिकॉर्डिंग भी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराई। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद CBI ने ट्रैप की योजना बनाई। शिकायतकर्ता को तय रकम ₹12,000 लेकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही गिरधारी चौधरी ने पैसे स्वीकार किए, पहले से मौजूद CBI टीम ने उसे मौके पर ही रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
CBI कर रही है आगे की कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। एजेंसी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तरह की गतिविधियों में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
पहले भी सामने आ चुके हैं रिश्वतखोरी के मामले
AIIMS भोपाल में रिश्वतखोरी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी संस्थान के तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर को बिल पास कराने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में CBI ने गिरफ्तार किया था।