भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी (BU) में कुलगुरु पद को लेकर एक और बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। यूनिवर्सिटी के प्रभारी कुलगुरु डॉ. विवेक शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे को राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगूभाई पटेल ने स्वीकार कर लिया है। डॉ. विवेक शर्मा को पूर्व कुलगुरु डॉ. एसके जैन के इस्तीफे के बाद बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के प्रभारी कुलगुरु की जिम्मेदारी दी गई थी। अब उनकी जगह मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) अनुपम राजन को प्रभारी कुलगुरु बनाया गया है। वे नए कुलगुरु की नियुक्ति तक इस जिम्मेदारी को संभालेंगे।
BU में क्यों हुआ कुलगुरु पद पर बदलाव? जानिए पूरा मामला
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में कुलगुरु पद पिछले कुछ समय से बदलावों के दौर से गुजर रहा है। पहले यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. एसके जैन ने अपने पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए डॉ. विवेक शर्मा को प्रभारी कुलगुरु बनाया गया था। अब डॉ. विवेक शर्मा के इस्तीफे के बाद यूनिवर्सिटी में एक बार फिर प्रभारी कुलगुरु की नियुक्ति की गई है।
अब कौन संभालेगा BU की जिम्मेदारी?
राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगूभाई पटेल ने उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन को बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नया प्रभारी कुलगुरु नियुक्त किया है। अनुपम राजन वर्तमान में उच्च शिक्षा विभाग में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें यह अतिरिक्त प्रभार तब तक दिया गया है, जब तक यूनिवर्सिटी में नए कुलगुरु की नियमित नियुक्ति नहीं हो जाती।
डॉ. विवेक शर्मा को कब मिली थी जिम्मेदारी?
डॉ. विवेक शर्मा को बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में प्रभारी कुलगुरु की जिम्मेदारी उस समय दी गई थी, जब पूर्व कुलगुरु डॉ. एसके जैन ने पद छोड़ा था। उनकी नियुक्ति का उद्देश्य यूनिवर्सिटी के कामकाज को सुचारू रूप से चलाना था, लेकिन अब उनके इस्तीफे के बाद प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू कर दी है।
नए प्रभारी VC अनुपम राजन के सामने क्या होंगी चुनौतियां?
प्रभारी कुलगुरु के रूप में अनुपम राजन के सामने यूनिवर्सिटी प्रशासन को स्थिर रखना बड़ी जिम्मेदारी होगी।
मुख्य चुनौतियां-
| चुनौती | विवरण |
|---|---|
| प्रशासनिक स्थिरता | लगातार नेतृत्व बदलाव के बीच व्यवस्था बनाए रखना |
| शैक्षणिक कार्य | छात्रों और शिक्षकों से जुड़े कार्यों को सुचारू रखना |
| परीक्षा एवं परिणाम | यूनिवर्सिटी की नियमित प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करना |
| नए कुलगुरु की नियुक्ति | स्थायी VC आने तक जिम्मेदारी संभालना |
BU छात्रों और कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा?
प्रशासनिक बदलाव के बावजूद यूनिवर्सिटी के नियमित कार्यों को जारी रखने की व्यवस्था की गई है। नए प्रभारी कुलगुरु के रूप में अनुपम राजन के आने से उम्मीद है कि यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक फैसलों और लंबित मामलों को गति मिलेगी। हालांकि, अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में स्थायी कुलगुरु की नियुक्ति कब तक होती है।