भोपाल/राजगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार शाम अपने सहज, सरल और आत्मीय स्वभाव की एक और मिसाल पेश की। आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद इंदौर लौटते समय उन्होंने मार्ग में राजगढ़ स्थित श्री चारभुजा रेस्टोरेंट पर अपना काफिला रुकवाया। यहां उन्होंने कुछ समय आम लोगों के बीच बिताया, उनसे आत्मीय बातचीत की और अपने व्यवहार से सभी का दिल जीत लिया।
खुद बनाई चाय, कुल्हड़ में लिया स्वाद
रेस्टोरेंट पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सीधे चाय बनाने वाले काउंटर पर पहुंचे। उन्होंने स्वयं अपने हाथों से चाय तैयार की और पारंपरिक कुल्हड़ में चाय का आनंद लिया। मुख्यमंत्री को अपने हाथों से चाय बनाते देख वहां मौजूद लोग उत्साहित हो गए। उनका यह सहज अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
अधिकारियों और कर्मचारियों को भी परोसी चाय
मुख्यमंत्री ने केवल खुद चाय पीने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने काफिले में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अपने हाथों से चाय परोसी। इस दौरान उन्होंने सभी से अनौपचारिक बातचीत की और यात्रा के दौरान कुछ पल आत्मीय माहौल में बिताए। मुख्यमंत्री के इस व्यवहार की अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी सराहना की।
स्थानीय लोगों से की आत्मीय मुलाकात
मुख्यमंत्री के रेस्टोरेंट पहुंचने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। स्थानीय नागरिकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी सभी का अभिवादन स्वीकार करते हुए लोगों से हालचाल पूछा और सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत की।उन्होंने स्थानीय नागरिकों का स्नेह और सम्मान स्वीकार करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। कई लोगों ने मुख्यमंत्री के साथ फोटो भी खिंचवाए। मुख्यमंत्री ने सभी के साथ सहजता से समय बिताया, जिससे लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कुछ देर के लिए बना उत्सव जैसा माहौल
मुख्यमंत्री की मौजूदगी से श्री चारभुजा रेस्टोरेंट परिसर में कुछ देर के लिए उत्सव जैसा माहौल बन गया। लोग अपने मुख्यमंत्री के साथ तस्वीरें लेने और उनसे मिलने के लिए उत्साहित नजर आए। मुख्यमंत्री ने भी बिना किसी औपचारिकता के आम नागरिकों से मुलाकात की और उनकी शुभकामनाएं स्वीकार कीं।
इंदौर के लिए हुए रवाना
स्थानीय लोगों से मुलाकात और चाय के दौरान कुछ समय बिताने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी का धन्यवाद किया और पुनः अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इंदौर के लिए रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री का यह सहज और आत्मीय अंदाज एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया। आम लोगों के बीच रुककर चाय बनाना, कुल्हड़ में चाय पीना और अधिकारियों तथा नागरिकों के साथ सरलता से संवाद करना उनके जनसंपर्क और सहज व्यक्तित्व की झलक माना जा रहा है।