मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार, 25 जुलाई को विधानसभा पहुंचे, जहां उन्होंने सेंट्रल हॉल में मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षक और विद्यार्थी वर्ग के कल्याण से जुड़े हर विषय को लेकर पूरी तरह गंभीर और संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है।
शिक्षा सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य केवल शैक्षणिक संस्थानों का विस्तार करना नहीं, बल्कि छात्रों को बेहतर अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने वाला पहला राज्य
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) को सबसे पहले लागू किया गया। उन्होंने इसे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
ढाई साल में शुरू हुए तीन नए शासकीय विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान प्रदेश में तीन नए शासकीय विश्वविद्यालयों की शुरुआत की गई है। इससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को नए अवसर मिलेंगे और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा और मजबूत होगा।
युवाओं के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध
सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही युवाओं और विद्यार्थियों के कल्याण के लिए नई योजनाएं और फैसले लगातार लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां हर छात्र अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सके।
आगे भी लिए जाएंगे छात्रों के हित में बड़े फैसले
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि विद्यार्थियों के हित में सरकार की पहल आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं के विकास से जुड़े विषय सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और भविष्य में भी इस दिशा में लगातार फैसले लिए जाएंगे।