मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एक गुरु–एक वृक्ष’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि गुरु सदैव पूजनीय हैं। प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में 40 हजार से अधिक पौधों का रोपण कर विद्यार्थियों ने गुरु सम्मान के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
गुरु सम्मान के साथ पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश
मध्य प्रदेश में गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा के तहत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘एक गुरु–एक वृक्ष’ अभियान को व्यापक जनभागीदारी मिली। शुक्रवार को प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों ने अपने गुरुओं के सम्मान में 40 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया। इस अभियान का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा को सशक्त बनाते हुए विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की पहल की सराहना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि गुरुजन सदैव पूजनीय और वंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि गुरुओं का सम्मान करते हुए पौधारोपण जैसी पहल अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रदेशभर में लगाए गए 40 हजार से अधिक पौधे विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करेंगे।
विद्यालयों में उत्साह के साथ हुआ पौधारोपण
प्रदेश के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय परिसरों और आसपास पौधारोपण कर सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर गुरु-शिष्य परंपरा के सम्मान के साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया।
गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा के तहत चल रही हैं कई गतिविधियां
स्कूल शिक्षा विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा आयोजित गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का संवर्धन और गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत करना है। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक और नैतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों में अपने गुरुओं के प्रति सम्मान और भारतीय परंपराओं के प्रति जुड़ाव बढ़े।
संस्कारयुक्त शिक्षा और हरित भविष्य पर जोर
विभाग का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम विद्यालयों में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के साथ-साथ विद्यार्थियों में सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। 'एक गुरु–एक वृक्ष' अभियान के माध्यम से शिक्षा, संस्कार और प्रकृति संरक्षण को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है।