उज्जैन- श्रावण-भादौ के पावन महीने में बाबा महाकाल की सवारी इस वर्ष पहले से अधिक भव्य और आकर्षक होगी। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने 2026 की छह सवारियों को अलग-अलग थीम पर आधारित करने का निर्णय लिया है। हर सोमवार निकलने वाली सवारी धार्मिक आस्था के साथ संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सिंहस्थ-2028 का संदेश भी देगी।
हर सोमवार नई थीम में निकलेगी सवारी
मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवड़िया के अनुसार, इस वर्ष छह सवारियों की थीम इस प्रकार रहेगी—
3 अगस्त (प्रथम सवारी): वैदिक उद्बोधन
10 अगस्त (द्वितीय सवारी): विभिन्न लोक नृत्य
17 अगस्त (तृतीय सवारी): पुलिस, सेना, होमगार्ड व स्कूल बैंड
24 अगस्त (चतुर्थ सवारी): पर्यावरण संरक्षण
31 अगस्त (पंचम सवारी): 84 महादेव की झांकी
7 सितंबर (राजसी सवारी): सिंहस्थ महापर्व-2028 की भव्य झांकी
जनजातीय नृत्य और ड्रोन से पुष्पवर्षा बनेगी आकर्षण
मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले जनजातीय नृत्य दल हर सवारी में प्रस्तुति देंगे। वहीं 7 सितंबर को निकलने वाली राजसी सवारी में ड्रोन के माध्यम से पुष्पवर्षा की जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण होगी।
हाईटेक होगी बाबा की सवारी
इस बार सवारी के साथ एलईडी रथ भी चलेंगे, जिन पर लगे बड़े स्क्रीन के जरिए श्रद्धालु मार्ग में खड़े-खड़े बाबा महाकाल के लाइव दर्शन कर सकेंगे और सवारी की लोकेशन भी देख पाएंगे।
आस्था के साथ जनजागरूकता का संदेश
मंदिर समिति के प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक ने बताया कि सवारियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति और सिंहस्थ-2028 जैसे विषयों पर जनजागरूकता भी फैलाई जाएगी। सवारी में पुलिस बैंड, होमगार्ड, महाकाल आर्मी, स्कूल बैंड और भजन मंडलियां भी शामिल होंगी।