मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सरकार ने वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश कर दिया। अब इस पर बुधवार, 22 जुलाई को सदन में चर्चा होगी। दूसरी ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में जल संकट और सिंचाई परियोजनाओं को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाने का ऐलान किया। सदन में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, सिंचाई परियोजनाओं और किसान हितों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
MP विधानसभा में पेश हुआ पहला अनुपूरक बजट, अब क्या होगा?
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) सदन में पेश किया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बजट पर चर्चा के लिए समय निर्धारित करते हुए बताया कि 22 जुलाई को सदन में इस पर विस्तृत चर्चा होगी। अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार उन विभागों के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान करती है, जहां स्वीकृत बजट से अधिक राशि की आवश्यकता होती है। चर्चा के बाद सरकार आवश्यक वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी के लिए सदन के सामने रखेगी।
अनुपूरक बजट क्या होता है और इसकी जरूरत क्यों पड़ती है?
अनुपूरक बजट वह अतिरिक्त बजट होता है, जिसे सरकार तब पेश करती है जब वित्तीय वर्ष के दौरान किसी विभाग या योजना के लिए पहले से स्वीकृत बजट पर्याप्त नहीं होता। इसके जरिए सरकार नई योजनाओं, आपात जरूरतों, अधूरी परियोजनाओं, विकास कार्यों और अतिरिक्त खर्चों के लिए धन का प्रावधान करती है। विधानसभा की मंजूरी मिलने के बाद ही यह राशि संबंधित विभागों को जारी की जाती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, पानी पर होगी सर्वदलीय बैठक
सदन में बदनावर सिंचाई परियोजना में देरी का मुद्दा उठने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल प्रबंधन पूरे मध्य प्रदेश का साझा विषय है, इसलिए सरकार इसे राजनीति से ऊपर रखकर समाधान निकालना चाहती है। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश में पानी, सिंचाई और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए जल्द ही सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें सभी दलों के जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केन-बेतवा लिंक परियोजना समेत कई बड़ी सिंचाई योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि बड़ी परियोजनाओं में समय लगता है, लेकिन सरकार इनकी गति बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
बदनावर सिंचाई परियोजना पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई सिंचाई परियोजनाएं वर्षों पुरानी हैं और तकनीकी व प्रशासनिक कारणों से इनमें देरी हुई है। अब सरकार का लक्ष्य इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल संसाधनों से जुड़ी सभी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है।
सदन में गूंजा संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजार ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर सरकार से सवाल पूछा। इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि 10 वर्ष से अधिक अनुभव रखने वाले संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की लगभग 50 प्रतिशत प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है और आने वाले समय में इस दिशा में और निर्णय लिए जाएंगे।
संविदा कर्मचारियों के लिए सरकार ने क्या कहा?
मंत्री कृष्णा गौर ने सदन को बताया कि वर्तमान नियमों के अनुसार रिक्त पदों में 50 प्रतिशत पद संविदा कर्मचारियों के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला संविदा कर्मचारियों को फिलहाल प्रसूति अवकाश (Maternity Leave) का लाभ नहीं दिया जाता, क्योंकि वर्तमान सेवा नियमों में इसका प्रावधान नहीं है। इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार से पुनर्विचार की मांग की।
विपक्ष ने सरकार को किन मुद्दों पर घेरा?
विपक्ष ने सदन में सिंचाई परियोजनाओं में देरी, किसानों को पानी की उपलब्धता, संविदा कर्मचारियों के अधिकार, नियमितीकरण की प्रक्रिया और कर्मचारी सुविधाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा। सरकार ने दावा किया कि विकास परियोजनाओं और कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों में लगातार फैसले लिए जा रहे हैं तथा आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
आगे क्या होगा?
अब विधानसभा में 22 जुलाई को अनुपूरक बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। इसके बाद सरकार अतिरिक्त वित्तीय प्रावधानों को मंजूरी दिलाने का प्रयास करेगी। वहीं पानी के मुद्दे पर प्रस्तावित सर्वदलीय बैठक और संविदा कर्मचारियों से जुड़े फैसलों पर भी सभी की नजर रहेगी।
FAQ
1- MP अनुपूरक बजट क्या होता है?
अनुपूरक बजट वह अतिरिक्त बजट होता है, जिसे सरकार वित्तीय वर्ष के दौरान अतिरिक्त खर्च या नई जरूरतों के लिए विधानसभा में पेश करती है।
2- मध्य प्रदेश में अनुपूरक बजट पर चर्चा कब होगी?
विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार 22 जुलाई को सदन में अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी।
3- मुख्यमंत्री ने पानी को लेकर क्या घोषणा की?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल प्रबंधन और सिंचाई परियोजनाओं पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की घोषणा की है।
4- संविदा कर्मचारियों को लेकर सरकार ने क्या कहा?
सरकार के अनुसार 10 वर्ष से अधिक अनुभव वाले संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की लगभग 50% प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी।