Bhopal | मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार प्रदेश के 15 हजार से अधिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रमोशन का लाभ देने की तैयारी में है। इसके तहत इन कर्मचारियों की तृतीय श्रेणी लिपिक वर्ग में पदोन्नति का रास्ता साफ हो सकता है। सरकार की ओर से इस प्रक्रिया में CPCT (Computer Proficiency Certification Test) की अनिवार्यता खत्म करने की तैयारी की जा रही है। यदि यह निर्णय लागू होता है तो लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
CPCT की बाध्यता हटाने की तैयारी
मध्य प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तृतीय श्रेणी लिपिक वर्ग में पदोन्नति के लिए CPCT से जुड़ी पात्रता एक महत्वपूर्ण शर्त रही है। अब सरकार इस बाध्यता को हटाने पर विचार कर रही है। इससे बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारियों को पदोन्नति का अवसर मिल सकेगा, जो अन्य पात्रताएं पूरी करते हैं लेकिन CPCT की शर्त के कारण प्रमोशन से वंचित रह गए हैं। सरकार की तैयारी के मुताबिक CPCT की बाध्यता समाप्त होने के बाद विभागीय स्तर पर पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
15 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के 15 हजार से अधिक चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारियों को मिलने की उम्मीद है। पदोन्नति के बाद ये कर्मचारी तृतीय श्रेणी के लिपिक संवर्ग में शामिल हो सकते हैं। इससे कर्मचारियों को न केवल पदनाम और जिम्मेदारी में बदलाव मिलेगा, बल्कि उनके वेतनमान और सेवा से जुड़े अन्य लाभों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि वास्तविक लाभ संबंधित विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले आदेश और निर्धारित नियमों पर निर्भर करेगा।
जल्द जारी हो सकता है आदेश
फिलहाल इस संबंध में सरकार की ओर से कोई अंतिम आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। इसलिए CPCT की बाध्यता समाप्त होने और पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू होने को लेकर अंतिम स्थिति आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। बताया जा रहा है कि सरकार की ओर से संबंधित प्रक्रिया को जल्द पूरा कर आदेश जारी किया जा सकता है। आदेश जारी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किन कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा और पदोन्नति के लिए विभागवार क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
कर्मचारियों में बढ़ी उम्मीद
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए यह फैसला लंबे समय से लंबित पदोन्नति की राह खोल सकता है। यदि CPCT की अनिवार्यता समाप्त होती है, तो बड़ी संख्या में कर्मचारी तृतीय श्रेणी लिपिक वर्ग में पदोन्नति के लिए पात्र हो सकते हैं। हालांकि कर्मचारियों को अंतिम आदेश का इंतजार करना होगा। सरकार के आधिकारिक आदेश के बाद ही पदोन्नति की शर्तों, पात्रता और समयसीमा की पूरी जानकारी सामने आएगी।