भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 'मध्यप्रदेश अग्निशामक आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026' का मसौदा तैयार कर लिया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। दिल्ली समेत कई राज्यों में हुई आग की बड़ी घटनाओं के बाद सरकार ने नए कानून को प्राथमिकता दी है।
प्रॉपर्टी टैक्स के साथ देना होगा फायर सेफ्टी टैक्स
प्रस्तावित कानून के तहत अब शहरी क्षेत्रों में प्रॉपर्टी टैक्स के साथ फायर सेफ्टी टैक्स भी लिया जाएगा। इस राशि का उपयोग अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक बनाने, नए फायर स्टेशन स्थापित करने और उपकरणों को उन्नत करने में किया जाएगा।
15 मीटर से ऊंची इमारतों के लिए फायर NOC अनिवार्य
नए कानून के अनुसार 15 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली इमारतों के लिए फायर NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) अनिवार्य होगी। बिना फायर NOC के किसी भी भवन को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट या कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाएगा।
पंडालों के लिए भी लागू होंगे नए सुरक्षा नियम
शादी, धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक आयोजनों में लगाए जाने वाले पंडालों के लिए भी सख्त अग्नि सुरक्षा मानक लागू किए जाएंगे। पंडालों में अग्निरोधी (Fire Resistant) सामग्री का उपयोग अनिवार्य होगा।
10 मिनट में पहुंचेगी फायर ब्रिगेड
सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी आगजनी की सूचना मिलने के बाद 10 मिनट के भीतर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच सके। इसके लिए नए फायर स्टेशन खोले जाएंगे और आधुनिक अग्निशमन उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
फायर अधिकारियों के लिए तय होंगे नए मानक
प्रस्तावित विधेयक में फायर विभाग के अधिकारियों की योग्यता, प्रशिक्षण और कार्यप्रणाली के लिए भी नए मानक निर्धारित किए जाएंगे, ताकि आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।