कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बाराबनी में वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस के तीन नेताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नेताओं में बाराबनी पंचायत समिति के सभापति एवं तृणमूल कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष असित सिंह, उनके भाई एवं पानुरिया ग्राम पंचायत के उप-प्रधान विश्वजीत सिंह तथा तृणमूल नेता अकबर आलम शामिल हैं।
देर रात हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, गुरुवार देर रात कुल्टी थाना क्षेत्र के डुबुरडिही चेकपोस्ट के पास से असित सिंह और विश्वजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया। वहीं, अकबर आलम को झारखंड के जमशेदपुर से हिरासत में लेकर बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।
चुनाव बाद हिंसा से जुड़ा है मामला
पुलिस का दावा है कि 2021 के विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हुई कथित चुनावोत्तर हिंसा के मामलों में इन नेताओं के नाम सामने आए थे। उनके खिलाफ कई मामले लंबित हैं और वे लंबे समय से पुलिस की निगरानी में थे। पुलिस का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली है।
हंगामे की आशंका के बीच हिरापुर थाना भेजे गए आरोपी
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गिरफ्तार नेताओं को बाराबनी थाना में रखने के बजाय हिरापुर थाना ले जाया गया। शुक्रवार को उन्हें आसनसोल अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस ने अदालत से आरोपियों की पुलिस रिमांड की मांग भी की है। अदालत ले जाते समय पत्रकारों के सवाल पर असित सिंह ने केवल इतना कहा, "क्या कहूं, सब लोग सब कुछ देख रहे हैं।"
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि इसी मामले के कई अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बाराबनी और आसपास के इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर खुशी जताई। भाजपा नेता अभिजीत राय ने कहा कि चुनावोत्तर हिंसा के आरोपियों के खिलाफ लंबे समय से कार्रवाई की मांग की जा रही थी और पुलिस की यह कार्रवाई स्वागत योग्य है।
तृणमूल की ओर से नहीं आया जवाब
समाचार लिखे जाने तक गिरफ्तार नेताओं या तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। मामले की जांच जारी है और अब सभी की नजर आगे की कानूनी कार्रवाई पर बनी हुई है।