Lucknow News: लखनऊ के अलीगंज में हुए चर्चित अग्निकांड मामले में गठित पांच सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष को सौंप दी है। रिपोर्ट में बिल्डिंग निर्माण से जुड़े कई गंभीर नियम उल्लंघनों का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि भवन में हर मंजिल पर तय मानकों से अधिक निर्माण किया गया था, जिससे हादसे का खतरा कई गुना बढ़ गया।
हर फ्लोर पर मानकों से ज्यादा निर्माण
जांच समिति की रिपोर्ट के मुताबिक भवन के प्रत्येक तल पर स्वीकृत मानचित्र से अधिक निर्माण किया गया था। निर्माण के दौरान जरूरी भवन मानकों का पालन नहीं किया गया, जिससे आग लगने की स्थिति में लोगों के सुरक्षित निकलने का रास्ता बेहद सीमित हो गया।
सेटबैक नहीं छोड़ा गया, बचाव कार्य में आई बड़ी दिक्कत
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भवन निर्माण के दौरान निर्धारित सेटबैक (खाली जगह) नहीं छोड़ा गया था। इसी वजह से दमकल की गाड़ियों और राहत-बचाव टीमों को मौके पर पहुंचने और ऑपरेशन चलाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
संकरा रास्ता बना हादसे की बड़ी वजह
जांच में यह भी सामने आया कि भवन तक आने-जाने का रास्ता काफी संकरा था। आग लगने के दौरान दमकल वाहनों और बचाव दल की आवाजाही प्रभावित हुई, जिससे राहत कार्य में देरी हुई। समिति ने इसे हादसे की गंभीर वजहों में शामिल किया है।
फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले
रिपोर्ट के अनुसार इमारत में आग से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास (Emergency Exit) और अन्य सुरक्षा इंतजाम नदारद पाए गए।
आवासीय भवन का किया जा रहा था व्यावसायिक इस्तेमाल
एलडीए की जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि भवन का नक्शा आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत था, लेकिन उसका इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। यानी भवन का भू-उपयोग (Land Use) पूरी तरह नियमों के विपरीत पाया गया।
प्राथमिक जांच में पूरी बिल्डिंग अवैध मिली
एलडीए की प्रारंभिक जांच में पूरी इमारत को अवैध निर्माण की श्रेणी में पाया गया है। रिपोर्ट के आधार पर अब संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों के आधार पर दोषियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट के बाद तेज होगी कार्रवाई
एलडीए अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अब संबंधित विभाग कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगा। अवैध निर्माण, नियमों के उल्लंघन और भू-उपयोग बदलने जैसे मामलों में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।