भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री हो चुकी है, लेकिन इसका असर अभी प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में पूरी तरह नहीं दिख रहा है। मानसून के दक्षिणी जिलों में ही सक्रिय रहने के कारण शुक्रवार को कई इलाकों में तापमान में 4.9 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल संभाग के कई जिलों में जून के अंतिम सप्ताह में भी लोगों को भीषण गर्मी और लू जैसे हालात का सामना करना पड़ा।
दक्षिणी हिस्सों में अटका मानसून
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में ही सक्रिय है और पिछले दो दिनों से आगे नहीं बढ़ पाया है। इसके चलते उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में गर्मी का असर बना हुआ है। छतरपुर जिले के नौगांव में सबसे अधिक 41.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री अधिक रहा। इसके अलावा ग्वालियर में 40.5 डिग्री, खजुराहो में 40.4 डिग्री और दतिया में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मंडला में भी अधिकतम तापमान सामान्य से 4.9 डिग्री बढ़कर 37.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं पश्चिमी जिलों में भी तापमान सामान्य से करीब 3.5 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में दिनभर तेज धूप और उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
40 से अधिक जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में मौसम की स्थिति लगभग समान रहने की संभावना जताई है। इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि विभाग ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सागर सहित प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। कई क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।
कहीं बारिश तो कहीं तेज आंधी
प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार शाम तक बालाघाट जिले के मलाजखंड और श्योपुर में 11-11 मिमी, इंदौर में 9 मिमी तथा खंडवा में 6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। कई इलाकों में शाम के समय तेज आंधी के साथ बारिश भी हुई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली।