नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बंकिम चंद्र को महान साहित्यकार बताते हुए कहा कि उनकी रचनाओं ने पीढ़ियों से भारतीयों में देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव की भावना को जागृत किया है।
'वंदे मातरम्' ने स्वतंत्रता आंदोलन को दी नई ऊर्जा
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का समृद्ध साहित्य आज भी राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है और इस अमर रचना ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को सबसे स्थायी प्रेरणाओं में से एक प्रदान की।
राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज को भी किया नमन
प्रधानमंत्री ने राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शाहूजी महाराज सामाजिक न्याय और समानता के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया और उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
अमित शाह ने बताया सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का प्रणेता
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का प्रणेता बताया। उन्होंने कहा कि 'आनंदमठ' के माध्यम से बंकिम चंद्र ने मातृभूमि के प्रति समर्पण, त्याग और राष्ट्रीय चेतना का संदेश दिया।
'वंदे मातरम्' आज भी देता है राष्ट्रीय एकता का संदेश
अमित शाह ने कहा कि 'वंदे मातरम्' की रचना ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा, प्रेरणा और वैचारिक आधार दिया। उन्होंने कहा कि 150 वर्ष पूरे होने पर भी यह अमर गीत पूरे देश में राष्ट्रीय एकता, आत्मगौरव और देशभक्ति का संदेश दे रहा है।