गोरखपुर - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिवसीय 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026' के उद्घाटन समारोह में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और उनके संगठनात्मक योगदान को विस्तार से याद किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का यह प्रशिक्षण शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विचार, संगठन और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने का अभियान है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से मिले संस्कारों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और स्वयंसेवक के रूप में तैयार हुए थे। संघ से मिले संस्कारों और राष्ट्रसेवा की भावना ने उन्हें एक समर्पित संगठनकर्ता बनाया। जनसंघ की स्थापना के समय उन्होंने संगठन महामंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई और पार्टी को मजबूत आधार प्रदान किया।
अंत्योदय के विचार को बताया सबसे बड़ी विरासत
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय राजनीति में जब भी 'अंत्योदय' की बात होती है, तो उसका सबसे बड़ा श्रेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय को जाता है। उन्होंने यह विचार दिया कि शासन की हर नीति का केंद्र समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति होना चाहिए। सरकार की योजनाओं और संसाधनों का लाभ सबसे पहले जरूरतमंद और वंचित वर्ग तक पहुंचे, यही अंत्योदय का मूल दर्शन है।
आर्थिक नीतियों का आधार बताया अंत्योदय
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने देश की आर्थिक नीतियों के लिए भी अंत्योदय को आधार बनाया। उन्होंने भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप विकास का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया, जिसमें समाज के हर वर्ग का कल्याण और संतुलित विकास सुनिश्चित हो। उनके विचार आज भी शासन और नीति निर्माण के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
कार्यकर्ताओं से विचारधारा को आत्मसात करने की अपील
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रशिक्षण शिविर में मौजूद कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे केवल संगठनात्मक प्रशिक्षण तक सीमित न रहें, बल्कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों, सेवा भाव और राष्ट्रहित के सिद्धांतों को अपने जीवन में भी उतारें। उन्होंने कहा कि भाजपा का संगठन इन्हीं मूल्यों के आधार पर आगे बढ़ रहा है और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की सोच को पहुंचाएं।