भोपाल | मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में 21 अक्टूबर को राज्य स्तरीय पुलिस स्मृति दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता के वितरण में बदलाव की घोषणा की। अब शहीद पुलिसकर्मी के परिवार को मिलने वाली एक करोड़ रुपये की सहायता राशि में 50 प्रतिशत हिस्सा पत्नी और शेष 50 प्रतिशत हिस्सा माता-पिता को दिया जाएगा।
शहीद पुलिसकर्मियों के माता-पिता को भी मिलेगी आधी राशि
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों के परिजनों को सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। पहले यह राशि केवल पत्नी को दिए जाने की व्यवस्था थी, लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत सहायता राशि का आधा हिस्सा शहीद की पत्नी और आधा हिस्सा उनके माता-पिता को मिलेगा। इस फैसले का उद्देश्य शहीद पुलिसकर्मियों के माता-पिता को भी आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों के प्रमोशन और नई भर्तियों को लेकर भी सरकार का विशेष ध्यान है।
साइबर अपराध और ड्रग तस्करी बड़ी चुनौती
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस ने अपने साहस, कार्यकुशलता और समर्पण से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने साइबर अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी को पुलिस के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस इन चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए तैयार है। बदलते अपराधों से निपटने के लिए पुलिस बल को सक्षम और आधुनिक बनाना जरूरी है।
करीब 35 वर्षों तक मध्य प्रदेश ने झेला नक्सलवाद
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस की सफलता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ने करीब 35 वर्षों तक नक्सलवाद की चुनौती का सामना किया। पुलिस जवानों के साहस, समर्पण और निरंतर प्रयासों से इस समस्या से बाहर निकलने में सफलता मिली है।
DGP कैलाश मकवाना ने शहीदों के बलिदान को किया याद
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने और त्याग करने का संकल्प है। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के प्रति पुलिस विभाग की जिम्मेदारी दोहराई। समारोह में विशेष सशस्त्र बल, जिला पुलिस, होमगार्ड, पुलिस बैंड, अश्वारोही दल और श्वान दल की टुकड़ियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करते हुए उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
पुलिस स्मृति दिवस का महत्व
पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को उन पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। यह दिन देश और समाज की सुरक्षा में पुलिसकर्मियों के योगदान, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सम्मान देने का अवसर है। भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री की सहायता राशि संबंधी घोषणा शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई है।