नवा रायपुर | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर स्थित मेफेयर रिजॉर्ट में अर्बन चैलेंज फंड कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में प्रदेश के शहरों के विकास, आधुनिक अधोसंरचना, नगरीय निकायों की आर्थिक मजबूती और निजी निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान नगरीय प्रशासन विभाग, हुडको और सेप्ट यूनिवर्सिटी के बीच दो समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
शहरों के विकास के लिए दो MoU पर हस्ताक्षर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शहरों को और आगे बढ़ाने तथा उनकी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई है। उन्होंने बताया कि विकास से जुड़े दो समझौते किए गए हैं, जिनसे नगरीय निकायों को वित्तीय संसाधनों के साथ तकनीकी सहायता और विशेषज्ञ सुझाव भी मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शहरों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और नगरीय विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा।
म्युनिसिपल बॉन्ड और निजी निवेश से विकास पर जोर
कार्यशाला में शहरों के विकास के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल और निजी निवेश जैसे विकल्पों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसका उद्देश्य नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटा सकें। इन माध्यमों से शहरी अधोसंरचना परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देने और स्थानीय निकायों की क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
सीवरेज सिस्टम और बिजली के तारों को बेहतर बनाने की योजना
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शहरों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त करने और शहरों की गलियों में बिजली के तारों को भूमिगत करने की दिशा में काम करने पर जोर दिया। ऐसे कार्यों से शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने, सड़कों और गलियों को व्यवस्थित करने तथा नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
नक्सलवाद में कमी से विकास को मिलेगा बढ़ावा: CM साय
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने नक्सलवाद को प्रदेश के विकास में बड़ी बाधा बताते हुए कहा कि इस चुनौती में मिली सफलता से विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर परिस्थितियां बन रही हैं। उन्होंने शहरों को आगे बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने और आधुनिक अधोसंरचना विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
आत्मनिर्भर नगरीय निकायों की दिशा में पहल
अर्बन चैलेंज फंड कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शहरी विकास के लिए वित्तीय संसाधनों, तकनीकी सहयोग और नए निवेश मॉडल की संभावनाओं पर विचार करना है। कार्यशाला में हुई चर्चा और समझौतों के जरिए छत्तीसगढ़ के शहरों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा नगरीय निकायों की आर्थिक क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया।