कोलकाता: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए कोलकाता पुलिस ने विशेष व्यवस्था की है। 21 से 24 अक्टूबर 2026 तक शहर के अलग-अलग विसर्जन घाटों और आसपास के क्षेत्रों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ विशेष टीमों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा, कोलकाता नगर निगम (KMC) की ओर से विभिन्न घाटों पर एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
21 से 24 अक्टूबर तक लागू रहेगी विशेष व्यवस्था
कोलकाता पुलिस मुख्यालय की ओर से 20 अक्टूबर को जारी आदेश के मुताबिक, निर्धारित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संबंधित पुलिसकर्मियों और टीमों को 21 से 24 अक्टूबर तक तैनात किया जाएगा। संबंधित बलों को निर्धारित स्थानों पर शाम 4 बजे तक रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य विसर्जन के दौरान पुलिस प्रबंधन और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों को व्यवस्थित रखना है।
कई प्रमुख घाटों पर वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
पुलिस के आदेश में निमतला घाट, ग्वालियर घाट, बिचाली घाट, रतन बाबू घाट, शोभाबाजार घाट, बाबू घाट, बजा कदमतला घाट और इमर्शन कॉरिडोर (नॉर्थ) सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। अलग-अलग तारीखों पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुलिसकर्मियों और अन्य बलों की तैनाती का विवरण भी साझा किया गया है।
विसर्जन के दौरान चिकित्सा सहायता के लिए एंबुलेंस तैनात
सुरक्षा व्यवस्था के साथ चिकित्सा सुविधाओं पर भी ध्यान दिया गया है। कोलकाता नगर निगम की ओर से जारी एंबुलेंस डिप्लॉयमेंट चार्ट में 21 से 24 अक्टूबर तक विभिन्न घाटों और निर्धारित स्थानों पर एंबुलेंस की तैनाती का विवरण दिया गया है। इनमें बजा कदमतला, निमतला, जजेज घाट, डोई घाट, रतन बाबू घाट और रानीडिघी घाट सहित कई स्थान शामिल हैं।
अलग-अलग शिफ्ट में काम करेंगे चालक और सहायक
आदेश में कई एंबुलेंस के लिए पहली और दूसरी शिफ्ट में चालकों तथा सहायकों की ड्यूटी निर्धारित की गई है। इससे विसर्जन के दिनों में तय स्थानों पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। हालांकि, आदेश में एंबुलेंस की तैनाती का विवरण दिया गया है, लेकिन इसमें किसी संभावित घटना या चिकित्सा आपातस्थिति की संख्या का उल्लेख नहीं है।
पुलिस और संबंधित विभागों को समन्वय के निर्देश
यह आदेश कोलकाता पुलिस मुख्यालय के संयुक्त पुलिस आयुक्त की ओर से जारी किया गया है। इसकी प्रतियां पश्चिम बंगाल सरकार के संबंधित विभागों, कोलकाता नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग और पुलिस के विभिन्न अधिकारियों को जानकारी एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।
विसर्जन के दौरान सुरक्षा, पुलिस बल की तैनाती और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण है।