नई दिल्ली - भारतीय महिला क्रिकेट टीम की आक्रामक सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। शेफाली ने महज 26 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। इस पारी के साथ उन्होंने महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड बना दिया। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय महिला क्रिकेट में एक बार फिर उनकी बल्लेबाजी क्षमता को चर्चा में ला दिया है।
26 गेंदों में अर्धशतक लगाकर बनाया रिकॉर्ड
जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में शेफाली वर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने तेजी से रन बनाते हुए केवल 26 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और तेजी का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला।
शेफाली ने इस मुकाबले में कुल 69 रन बनाए। हालांकि, वह अपनी पारी को शतक में तब्दील नहीं कर सकीं, लेकिन उनकी इस शानदार पारी ने रिकॉर्ड बुक में उनका नाम दर्ज करा दिया। टी20 क्रिकेट में कम गेंदों पर बड़ी पारी खेलने की उनकी क्षमता भारतीय टीम के लिए अहम साबित हो सकती है।
एक साल में 9 अर्धशतक लगाने वाली पहली महिला खिलाड़ी
शेफाली वर्मा ने साल 2026 में अब तक महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 9 अर्धशतक लगाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक अर्धशतक लगाने का नया रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले यह उपलब्धि भारतीय बल्लेबाज स्मृति मंधाना के नाम थी। मंधाना ने साल 2024 में महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 8 अर्धशतक लगाए थे। अब शेफाली ने उनसे आगे निकलते हुए इस सूची में पहला स्थान हासिल कर लिया है।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करना बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं होता। शेफाली ने अपने प्रदर्शन से दिखाया है कि वह तेजी से रन बनाने के साथ नियमित रूप से बड़ी पारियां खेलने की क्षमता भी रखती हैं।
छक्के लगाने के मामले में भी शीर्ष पर शेफाली
शेफाली वर्मा की उपलब्धियां केवल अर्धशतकों तक सीमित नहीं हैं। साल 2026 में वह महिला टी20 क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुकी हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, शेफाली इस साल अब तक 52 छक्के लगा चुकी हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह गेंदबाजों पर दबाव बनाने के लिए बड़े शॉट खेलने से पीछे नहीं हटतीं। टी20 क्रिकेट में छक्के लगाने की क्षमता मैच का रुख तेजी से बदल सकती है। ऐसे में शेफाली का यह रिकॉर्ड उनके बल्लेबाजी कौशल और आक्रामक खेल की पहचान को और मजबूत करता है।
1000 टी20 इंटरनेशनल रन बनाने से चूकीं
जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में शेफाली के पास एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने का मौका था। वह एक कैलेंडर वर्ष में 1000 टी20 इंटरनेशनल रन पूरे करने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनने के करीब पहुंच गई थीं। हालांकि, 69 रन बनाकर आउट होने के कारण वह इस आंकड़े तक पहुंचने से केवल 9 रन दूर रह गईं। इस तरह एक और रिकॉर्ड बनाने का उनका इंतजार फिलहाल जारी रहा।
इसके बावजूद उनकी पारी को शानदार प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने न सिर्फ टीम के लिए अहम रन बनाए, बल्कि अपनी बल्लेबाजी से कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए।
भारतीय महिला क्रिकेट के लिए अहम उपलब्धि
शेफाली वर्मा की यह उपलब्धि उनके व्यक्तिगत करियर के साथ भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी महत्वपूर्ण है। लगातार अर्धशतक लगाना, बड़े शॉट खेलना और तेजी से रन बनाना उनकी बल्लेबाजी की प्रमुख खूबियां हैं। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर उनके आगामी मुकाबलों पर रहेगी। यदि वह इसी तरह प्रदर्शन जारी रखती हैं, तो आने वाले मैचों में उनके पास एक कैलेंडर वर्ष में 1000 टी20 इंटरनेशनल रन पूरे करने का मौका भी होगा। फिलहाल, 9 अर्धशतक और 52 छक्कों के साथ शेफाली वर्मा ने साल 2026 में अपनी बल्लेबाजी से खास पहचान बनाई है।