मध्यप्रदेश में ई-अटेंडेंस को लेकर लगातार सामने आ रही शिक्षकों की शिकायतों के बीच स्कूल शिक्षा विभाग राहत देने की तैयारी में है। विभाग संकुल प्राचार्यों को ऐसे मामलों में राहत देने का अधिकार देने जा रहा है, जहां ई-अटेंडेंस दर्ज करने में देरी का उचित और व्यवहारिक कारण रहा हो।लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के अनुसार, इस संबंध में अगले 15 दिनों के भीतर नया सर्कुलर जारी किया जा सकता है। इसके लिए नया ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।
व्यवहारिक कारण होने पर नहीं कटेगा वेतन
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यदि किसी शिक्षक को ई-अटेंडेंस लगाने में वास्तविक तकनीकी या व्यवहारिक परेशानी हुई और इसी वजह से अटेंडेंस दर्ज करने में देरी हुई, तो संकुल प्राचार्य मामले में राहत दे सकेंगे।हालांकि, इस अधिकार के इस्तेमाल के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राहत देने की व्यवस्था का मनमाने तरीके से इस्तेमाल न हो।
रोजाना 97 से 98% शिक्षक लगा रहे ई-अटेंडेंस
लोक शिक्षण आयुक्त ने बताया कि अब प्रदेश में रोजाना करीब 97 से 98 प्रतिशत शिक्षक ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि ई-अटेंडेंस व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षकों को परेशान करना नहीं, बल्कि स्कूलों में उपस्थिति की व्यवस्था को प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।विभाग वास्तविक तकनीकी या व्यवहारिक समस्याओं को स्वीकार करेगा। हालांकि, जो शिक्षक आदतन ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं करते या व्यवस्था का दुरुपयोग करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
जून में रोका या काटा गया वेतन मिलेगा
ई-अटेंडेंस को लेकर जून महीने में जिन शिक्षकों का वेतन रोका गया या काटा गया था, उनके लिए भी राहत की बात सामने आई है। विभाग के मुताबिक ऐसे शिक्षकों को रोका या काटा गया वेतन भुगतान किया जाएगा।इसके लिए जुलाई और अगस्त में संबंधित शिक्षक की ई-अटेंडेंस नियमित होना जरूरी होगा। यानी इन महीनों में उपस्थिति व्यवस्था का पालन करने वाले शिक्षकों को जून की कार्रवाई से राहत मिल सकेगी।
तकनीकी समस्या संकुल प्राचार्य को बता सकेंगे शिक्षक
शिक्षकों को ई-अटेंडेंस लगाने में आ रही तकनीकी या व्यवहारिक समस्या की जानकारी अपने संकुल प्राचार्य को देने का विकल्प मिलेगा। इसके आधार पर वास्तविक समस्या वाले मामलों में राहत देने की व्यवस्था प्रस्तावित है।साथ ही विभाग शिक्षक सॉफ्टवेयर में आ रही तकनीकी दिक्कतों को भी दूर करने की दिशा में काम करेगा, ताकि शिक्षकों को ई-अटेंडेंस दर्ज करने में अनावश्यक परेशानी न हो।
अगले 15 दिन में जारी हो सकता है नया सर्कुलर
ई-अटेंडेंस को लेकर प्रस्तावित बदलावों का नया सर्कुलर अगले 15 दिनों में जारी होने की संभावना है। इसमें संकुल प्राचार्यों के अधिकार और राहत देने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट नियम तय किए जाएंगे।इस बदलाव से उन शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें वास्तविक तकनीकी या व्यवहारिक कारणों से ई-अटेंडेंस दर्ज करने में देरी का सामना करना पड़ता है।