लखनऊ। उत्तरप्रदेश में मानसून के बीच बाढ़ और भारी बारिश का खतरा बढ़ गया है। नेपाल में आई बाढ़ का असर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों पर पड़ने की आशंका है। गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोले जाने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महराजगंज और कुशीनगर को हाई अलर्ट पर रखा है।दोनों जिलों में प्रशासन और पुलिस की टीमें फील्ड में उतर गई हैं। संवेदनशील गांवों में सायरन बजाकर लोगों को चेतावनी दी जा रही है और जरूरत के मुताबिक गांव खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
महराजगंज-कुशीनगर में गांव खाली कराने की तैयारी
गंडक नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए महराजगंज और कुशीनगर में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। DM और SP समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।ग्रामीणों को नदी के किनारे नहीं जाने की हिदायत दी जा रही है। पुलिस लोगों से जरूरी सामान और कीमती वस्तुएं सुरक्षित रखने की अपील कर रही है। संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
यूपी के 19 जिले पहले से बाढ़ की चपेट में
नेपाल की बाढ़ के खतरे के अलावा प्रदेश के 19 जिले पहले से बाढ़ की चपेट में हैं। कई नदियां खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बह रही हैं।बदायूं में गंगा और रामगंगा नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। कटान की वजह से एक मकान गंगा में समा गया। वहीं रामगंगा का पानी बदायूं-शाहजहांपुर हाईवे के ऊपर से बह रहा है।
बांधों के गेट खोले गए, कई जगह पुल डूबे
चंदौली में मूसाखांड और लतीफशाह बांध लबालब भरने के बाद उनके गेट खोल दिए गए हैं। झांसी का सुकवा-ढुकवा बांध भी ओवरफ्लो हो गया है।लखीमपुर में शारदा नदी पर बने तमोलिन पुरवा बांध का एक हिस्सा कट गया है। वहीं ललितपुर में खेड़ार नदी का पानी पुल से करीब तीन फीट ऊपर बह रहा है। सिरसी पुल भी पानी में डूब गया है।
वाराणसी-प्रयागराज में घाट डूबे
वाराणसी में गंगा और प्रयागराज में यमुना का जलस्तर फिलहाल स्थिर बताया जा रहा है, लेकिन दोनों शहरों में नदी के किनारे स्थित घाट अभी भी पानी में डूबे हुए हैं।
आज सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने गुरुवार को उत्तरप्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 31 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है।इससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुश्किलें और बढ़ने की आशंका है। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
35 शहरों में हुई रुक-रुककर बारिश
बुधवार सुबह से गाजियाबाद और झांसी समेत प्रदेश के करीब 35 शहरों में रुक-रुककर बारिश हुई। कानपुर में रात करीब साढ़े 12 बजे से दोपहर 1 बजे तक तेज बारिश हुई, जिससे सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं।लखनऊ में शाम करीब 4 बजे से जोरदार बारिश शुरू हुई। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में दिन के समय ही अंधेरा छा गया और जनजीवन प्रभावित हुआ।