भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश और आंधी का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए भी प्रदेश में बारिश का सिलसिला बने रहने का अनुमान जताया है। इस बीच दतिया में अगले कुछ घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश के जलाशयों पर भी दिखाई देने लगा है। राजधानी भोपाल का बड़ा तालाब लगभग लबालब हो चुका है। वहीं पिछले 24 घंटे में निवाड़ी में 155 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 26 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश हुई है, लेकिन आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
दतिया में रेड अलर्ट, कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक दतिया में अगले कुछ घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक ग्वालियर-चंबल, उज्जैन और सागर संभाग के कई जिलों में निम्न से मध्यम स्तर के बादल छाए रह सकते हैं। बारिश के साथ कई क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने कई जिलों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
निवाड़ी में 155 मिमी बारिश, सीजन में 26 इंच से ज्यादा पानी
प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। इनमें निवाड़ी जिला सबसे आगे रहा, जहां 155 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। आंकड़ों के अनुसार इस मानसूनी सीजन में 1 जून से 26 अगस्त 2026 तक मध्यप्रदेश में कुल 26.02 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि यह बारिश अभी भी सामान्य से करीब 10 फीसदी कम है। क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से लगभग 6 फीसदी कम, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में करीब 13 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।
भोपाल का बड़ा तालाब लबालब
लगातार बारिश का असर राजधानी भोपाल के जलस्रोतों पर भी नजर आ रहा है। बारिश के बाद बड़ा तालाब पानी से लगभग लबालब हो गया है। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। बारिश का यह दौर प्रदेश के लिए जलस्रोतों और खेती के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि लगातार तेज बारिश वाले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति भी बन सकती है।
27 अगस्त तक किन जिलों में ज्यादा बारिश?
26 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 27 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक दतिया, राजगढ़, ग्वालियर, भिंड, रीवा, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं विदिशा, रायसेन, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, सिवनी, पन्ना, दमोह, सागर और मैहर में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। भोपाल, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, इंदौर, रतलाम, देवास, जबलपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट समेत कई अन्य जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
28 अगस्त तक इन जिलों में बारिश का अनुमान
27 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 28 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक विदिशा, गुना, शिवपुरी, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और अन्य जिलों में मौसम सक्रिय रह सकता है।
29 अगस्त तक भी जारी रहेगा बारिश का दौर
28 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 29 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक अनूपपुर, कटनी, सिवनी, बालाघाट, छतरपुर और टीकमगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं भोपाल से लेकर ग्वालियर-चंबल और मालवा-निमाड़ से लेकर विंध्य एवं महाकौशल तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक की हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान दतिया, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, सतना, सागर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, मंडला और अन्य जिलों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है।
30 अगस्त तक पूरे प्रदेश में तेज हवाओं का असर
29 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 30 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक लगभग पूरे मध्यप्रदेश में गरज-चमक के साथ हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस अवधि में किसी एक सीमित क्षेत्र के बजाय प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, दतिया, रीवा, सतना, सागर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट समेत लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में मौसम पर नजर रखने की जरूरत होगी।
31 अगस्त तक इन जिलों में भारी बारिश
30 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 31 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक सिंगरौली, सीधी, डिंडोरी, सिवनी, मंडला और बालाघाट में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं। यानी अगले पांच दिनों के दौरान प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी रहने की संभावना है।
किसानों के लिए भी अहम है मौसम का यह दौर
मध्यप्रदेश की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है, इसलिए लगातार बारिश का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ेगा। जिन क्षेत्रों में अब तक बारिश सामान्य से कम रही है, वहां अगले कुछ दिनों की बारिश से किसानों को राहत मिल सकती है। हालांकि जिन इलाकों में कम समय में बहुत ज्यादा बारिश होती है, वहां खेतों में पानी भरने और फसलों को नुकसान की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में किसानों को स्थानीय मौसम अपडेट के आधार पर खेती से जुड़े जरूरी फैसले लेने की सलाह दी जाती है।
अगले पांच दिन क्यों महत्वपूर्ण?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखें तो 26 से 31 अगस्त के बीच मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर बना रह सकता है। खासकर दतिया समेत कुछ जिलों में तत्काल भारी से अति भारी बारिश का खतरा है। बारिश के साथ तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए खुले इलाकों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के आसपास सावधानी बरतना जरूरी है। वहीं भारी बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी advisories का पालन करना बेहतर रहेगा।