राजस्थान में मानसून का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मंगलवार को अच्छी बारिश हुई, वहीं पश्चिमी हिस्से में बारिश की कमी के चलते गर्मी और उमस बढ़ गई। बूंदी, कोटा, झालावाड़, सवाई माधोपुर, दौसा और टोंक समेत कई इलाकों में बारिश के कारण छोटे-बड़े जलस्रोत छलक गए। पिछले 24 घंटे में बूंदी के तालेड़ा में सबसे ज्यादा 70 MM बारिश दर्ज की गई। दूसरी ओर श्रीगंगानगर में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले दो साल में अगस्त महीने के दौरान राजस्थान में दर्ज सबसे अधिक तापमान बताया जा रहा है। राज्य में मानसून कमजोर पड़ने का असर बांधों पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के 693 बांधों में से 205 पूरी तरह खाली हैं, जबकि केवल 45 बांध ओवरफ्लो हुए हैं। मौसम विभाग ने आज पूर्वी राजस्थान के 15 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है।
पूर्वी राजस्थान में जमकर बरसे बादल
मंगलवार को राजस्थान के पूर्वी हिस्से में मानसून ने कुछ राहत दी। बूंदी, कोटा, झालावाड़, सवाई माधोपुर, दौसा, अलवर और टोंक समेत कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। पिछले 24 घंटे के आंकड़ों के मुताबिक बूंदी के तालेड़ा में 70 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। अलवर, चित्तौड़गढ़, कोटा, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, झालावाड़ और दौसा में भी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई। दौसा, करौली, भरतपुर और सवाई माधोपुर के कई हिस्सों में तेज बारिश के बाद तालाब, बांध और एनिकट ओवरफ्लो हो गए।
धौलपुर में नदी में बहा युवक
भारी बारिश के बीच धौलपुर में हादसा भी हुआ। सकवारा क्षेत्र में पार्वती नदी की रपट पार करते समय 32 वर्षीय विजय सिंह बह गया। सूचना के बाद एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची और तलाश अभियान चलाया। रेस्क्यू टीम ने युवक का शव बाहर निकाल लिया। बारिश के दौरान नदी-नालों और रपटों में पानी बढ़ने से प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
पश्चिमी राजस्थान में बारिश का इंतजार, 41 डिग्री पहुंचा पारा
जहां पूर्वी राजस्थान में बारिश हुई, वहीं पश्चिमी जिलों में मौसम का रुख बिल्कुल अलग रहा। श्रीगंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़ और चूरू में गर्मी और उमस बढ़ गई। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह अगस्त में पिछले दो वर्षों के दौरान राज्य में दर्ज सबसे अधिक तापमान बताया जा रहा है। बीकानेर में भी दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। बारिश की कमी के कारण पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम शुष्क बना हुआ है।
राजस्थान के 205 बांध अभी भी पूरी तरह खाली
मानसून कमजोर रहने का असर प्रदेश के जलाशयों पर भी पड़ रहा है। राजस्थान में कुल 693 बांधों में से अभी सिर्फ 45 बांध ओवरफ्लो हुए हैं, जबकि 205 बांध पूरी तरह खाली बताए गए हैं। इसके अलावा 445 बांधों में आंशिक रूप से पानी भरा हुआ है। इन सभी बांधों की कुल भराव क्षमता करीब 13,029.09 मिलियन क्यूबिक मीटर है, जबकि वर्तमान में इनमें लगभग 7,390.51 एमक्यूएम पानी उपलब्ध है। पिछले साल 25 अगस्त तक यही आंकड़ा 10,482.21 एमक्यूएम था। यानी पिछले साल की तुलना में इस बार बांधों में पानी की उपलब्धता काफी कम है।
बीसलपुर डैम का जलस्तर भी सीमित बढ़ा
जयपुर की जलापूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण बीसलपुर बांध का जलस्तर फिलहाल 314.09 आरएल मीटर बताया गया है। पिछले 24 घंटे में बांध के जलस्तर में करीब 4 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां कैसी रहती हैं, इस पर बांधों में पानी की स्थिति काफी हद तक निर्भर करेगी।
27 अगस्त से कमजोर पड़ सकता है मानसून
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून ट्रफ लाइन अब उत्तर भारत की ओर और ऊपर खिसक रही है। इसके कारण 27 अगस्त से 2 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसून कमजोर रहने का अनुमान है। ऐसे में जिन इलाकों में अभी अच्छी बारिश नहीं हुई है, वहां किसानों और जल संसाधनों के लिए आने वाले दिन महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
आज 15 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज राजस्थान के 15 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है। पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ मौसम बदलने के आसार हैं। वहीं पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में फिलहाल बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है।
जयपुर में बारिश से दिल्ली हाईवे पर जलभराव
राजधानी जयपुर में मंगलवार सुबह से दोपहर तक रुक-रुककर बारिश हुई। बस्सी में सबसे ज्यादा 39 MM पानी बरसा। बारिश के बाद दिल्ली हाईवे पर कोटपूतली और शाहपुरा के आसपास कुछ स्थानों पर पानी जमा हो गया। बारिश के बाद दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस रहा।
अलवर में करीब 2 इंच बारिश
अलवर में मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे से दोपहर तक कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। जिले में लगभग 49 MM यानी करीब 2 इंच बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी भर गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी अलवर और आसपास के इलाकों में बारिश की संभावना जताई है।
कोटा में 42.4 MM बारिश, पारा गिरा
कोटा में पिछले 24 घंटे के दौरान 42.4 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। रिमझिम बारिश के चलते तापमान में करीब 4 डिग्री की गिरावट आई और लोगों को गर्मी-उमस से राहत मिली। मंगलवार को कोटा का अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। कोटा संभाग में बारिश को लेकर यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
अजमेर में अचानक बदला मौसम
अजमेर में करीब एक सप्ताह से मानसून सुस्त चल रहा था, लेकिन मंगलवार शाम अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार को भी तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
उदयपुर में नहीं हुई बारिश, बादलों की आवाजाही जारी
उदयपुर में मंगलवार को बारिश नहीं हुई। सुबह बादल छाए रहे, जिसके बाद कुछ समय के लिए धूप निकली। शाम को फिर आसमान में बादल छा गए। शहर में अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार की तुलना में अधिकतम तापमान में करीब 1.7 डिग्री की गिरावट आई।
जोधपुर में गर्मी और उमस से लोग परेशान
जोधपुर में मंगलवार को मौसम गर्म रहा। दिन में तेज धूप और उमस के कारण लोगों को परेशानी हुई। अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री ज्यादा था। न्यूनतम तापमान 27 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में जोधपुर में बारिश की संभावना कम है।
सीकर में डेढ़ सप्ताह बाद हुई बारिश
सीकर में करीब डेढ़ सप्ताह बाद मंगलवार को बारिश हुई। दोपहर बाद आसमान में बादल छाए और शाम करीब 5 बजे बारिश शुरू हुई। सीकर के अलावा लक्ष्मणगढ़, नेछवा और धोद क्षेत्र में भी बारिश हुई। जिले में अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस रहा। कुछ इलाकों में आज भी बारिश होने की संभावना है।
राजस्थान में फिलहाल मौसम का मिला-जुला असर
राजस्थान में इस समय मौसम का असर क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग दिखाई दे रहा है। पूर्वी राजस्थान में बारिश के दौर के कारण जलस्रोतों में पानी बढ़ रहा है, जबकि पश्चिमी जिलों में बारिश की कमी से गर्मी बढ़ रही है। बांधों की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में यदि मानसून कमजोर पड़ता है तो प्रदेश के जल संसाधनों पर दबाव और बढ़ सकता है।