नेपाल के रसुवा जिले में बाढ़ से बिगड़े हालात का असर अब बिहार में भी दिखाई देने लगा है। नेपाल से पानी आने के बाद गंडक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए बगहा स्थित गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। केंद्रीय जल आयोग ने गंडक नदी में करीब 3 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई है। साथ ही फ्लैश फ्लड का खतरा भी बताया गया है। इसके मद्देनजर बिहार के 8 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है और संभावित प्रभावित इलाकों में NDRF-SDRF की टीमें तैनात की जा रही हैं।
गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोले गए
नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद गंडक नदी में अचानक पानी बढ़ने लगा। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बगहा स्थित गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं।प्रशासन की कोशिश है कि नेपाल से आने वाले अतिरिक्त पानी के लिए बैराज में पर्याप्त जगह बनाई जा सके और अचानक बढ़ने वाले जलस्तर के प्रभाव को कम किया जा सके।
8 जिलों में हाई अलर्ट
गंडक नदी में बढ़ते पानी और संभावित फ्लैश फ्लड के खतरे को देखते हुए बिहार के आठ जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
पश्चिमी चंपारण (बगहा)
पूर्वी चंपारण (मोतिहारी)
गोपालगंज
सारण
मुजफ्फरपुर
वैशाली
सीतामढ़ी
शिवहर
नदी किनारे बसे संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
3 मीटर ऊंची लहरों और फ्लैश फ्लड का खतरा
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंडक नदी में पानी बढ़ने के बाद करीब 3 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इसके साथ ही अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड की आशंका भी जताई गई है।ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
CM सम्राट चौधरी ने की अधिकारियों के साथ बैठक
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट रहने और गंडक नदी के जलस्तर समेत पूरे हालात पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने संभावित प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते जरूरी कदम उठाने और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
अमित शाह ने दिया हरसंभव मदद का भरोसा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बात कर नेपाल में बाढ़ और उसके बिहार पर संभावित प्रभाव को लेकर जानकारी ली।अमित शाह ने बिहार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF की टीमों को भी तैनात किया जा रहा है।
नेपाल का पानी आने से पहले छोड़ा गया एक लाख क्यूसेक पानी
प्रशासन ने नेपाल से पानी आने से पहले ही गंडक बैराज से करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा। इसके अलावा बैराज से जुड़ने वाली कई नहरों को भी खाली किया गया है।इसका उद्देश्य बैराज में नेपाल से आने वाले अतिरिक्त पानी के लिए पर्याप्त जगह बनाना है, ताकि जलस्तर बढ़ने पर स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सके।
नदी किनारे रहने वालों को ऊंचे स्थानों पर भेजा जा रहा
गंडक नदी के किनारे बसे लोगों को संभावित खतरे को देखते हुए ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं। लोगों को नदी के पास नहीं जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
NDRF-SDRF की टीमें संभावित प्रभावित क्षेत्रों में तैनात
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमें प्रभावित या संवेदनशील इलाकों में तैनात की जा रही हैं।प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ की स्थिति बनने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और राहत-बचाव अभियान को तेजी से संचालित करना है।
बिहार में बढ़ी चिंता, प्रशासन हाई अलर्ट पर
नेपाल की बाढ़ के बाद गंडक नदी में अचानक बढ़े पानी ने बिहार में चिंता बढ़ा दी है। बैराज के सभी गेट खोलने, नहरों को खाली करने और नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है।