भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी राशन व्यवस्था का लाभ लेने वाले लाखों परिवारों के लिए शक्कर से जुड़ा बड़ा बदलाव सामने आया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS की राशन दुकानों पर मिलने वाली ₹20 प्रति किलो की रियायती शक्कर का वितरण 1 सितंबर 2026 से बंद होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार के निर्देश के बाद प्रदेश में इस व्यवस्था को आगे जारी रखने को लेकर बदलाव किया जा रहा है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो प्रदेश के 72 लाख से अधिक अंत्योदय, बीपीएल और प्राथमिकता श्रेणी के परिवार प्रभावित हो सकते हैं। अभी तक इन परिवारों को बाजार की तुलना में कम कीमत पर शक्कर उपलब्ध होती थी। ऐसे में रियायती शक्कर का वितरण बंद होने के बाद परिवारों को बाजार से शक्कर खरीदनी पड़ सकती है, जिससे उनके मासिक घरेलू खर्च पर अतिरिक्त दबाव आने की आशंका है।
राशन दुकानों पर ₹20 किलो वाली शक्कर बंद होने की तैयारी
मध्यप्रदेश की उचित मूल्य दुकानों के जरिए पात्र परिवारों को खाद्यान्न के साथ कई जरूरी वस्तुएं निर्धारित व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराई जाती हैं। इनमें रियायती दर पर मिलने वाली शक्कर भी शामिल रही है। अब 1 सितंबर से इस व्यवस्था में बदलाव की बात सामने आ रही है। सरकार की ओर से शक्कर की उपलब्धता और बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र के निर्देशों के अनुरूप कदम उठाए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, सस्ती शक्कर बंद होने की स्थिति में उन परिवारों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है, जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सरकारी राशन व्यवस्था पर निर्भर हैं।
72 लाख से ज्यादा परिवारों के बजट पर असर संभव
रियायती शक्कर की कीमत और बाजार में मिलने वाली शक्कर के दाम में अंतर होने के कारण इस बदलाव का सीधा असर परिवारों के बजट पर पड़ सकता है। खासकर कम आय वाले परिवारों के लिए रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमत में छोटी बढ़ोतरी भी मासिक खर्च को प्रभावित कर सकती है। अगर राशन दुकानों से सस्ती शक्कर मिलना बंद होता है तो पात्र परिवारों को अपनी जरूरत के मुताबिक बाजार से शक्कर खरीदनी होगी। ऐसे में आने वाले समय में लोगों की नजर सरकार की ओर से किसी वैकल्पिक राहत या नई व्यवस्था की घोषणा पर रहेगी।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी सरकार की नजर
शक्कर की उपलब्धता और कीमतों को लेकर केंद्र सरकार ने जमाखोरी तथा कालाबाजारी रोकने के लिए भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बड़े व्यापारियों और थोक उपभोक्ताओं के लिए शक्कर के स्टॉक को लेकर नियम निर्धारित किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत अधिक मात्रा में शक्कर की खपत करने वाले कारोबारियों को निर्धारित सीमा से ज्यादा स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा गोदामों में रखे स्टॉक की बिक्री के लिए भी समय सीमा और रिकॉर्ड संबंधी नियम लागू किए गए हैं। सरकार चीनी मिलों से जुड़े बिक्री रिकॉर्ड, GST रिटर्न और दूसरे दस्तावेजों के माध्यम से भी स्टॉक और बिक्री की निगरानी कर सकती है। इसका उद्देश्य बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करके कीमत बढ़ाने की कोशिशों पर रोक लगाना है।
सस्ती शक्कर के मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
PDS दुकानों से रियायती शक्कर बंद किए जाने की संभावित व्यवस्था को लेकर मध्यप्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इसे महंगाई से जूझ रहे परिवारों के लिए परेशानी बढ़ाने वाला फैसला बताया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी नीतियों का असर आम लोगों पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि राशन दुकानों से कम कीमत वाली शक्कर मिलना बंद हो जाती है तो गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों के घरेलू खर्च पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
बीजेपी ने फैसले को बताया कीमतों पर नियंत्रण की कोशिश
वहीं भाजपा की ओर से सरकार के कदम का बचाव किया गया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता बीएल लोया ने कहा कि शक्कर की कीमतों में कुछ समय के लिए बढ़ोतरी देखने को मिली है और बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। भाजपा का कहना है कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। पार्टी की ओर से यह भी कहा गया है कि बाजार में शक्कर की कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश जारी है और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
अब सरकार की अगली व्यवस्था पर रहेगी नजर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 1 सितंबर 2026 से राशन दुकानों पर ₹20 किलो वाली शक्कर का वितरण पूरी तरह बंद होगा या इसके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था लाई जाएगी। यदि रियायती शक्कर का वितरण बंद किया जाता है तो 72 लाख से अधिक परिवारों पर इसका असर पड़ने की संभावना है। सरकार के अगले आदेश और आधिकारिक व्यवस्था स्पष्ट होने के बाद ही यह तस्वीर पूरी तरह साफ होगी कि पात्र राशन कार्डधारियों को आगे शक्कर किस दर और किस माध्यम से उपलब्ध होगी।