नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। हादसे में नेपाल में 157 और तिब्बत में 3 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं 844 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ के तेज बहाव में घर, वाहन, सड़कें और सरकारी ढांचे बह गए।
इस आपदा में 19 पुल, करीब 40 किलोमीटर सड़कें और 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह होने की बात सामने आई है। शुरुआती तौर पर बाढ़ से पहले भूकंप आने की आशंका जताई गई थी, लेकिन बाद में सामने आया कि चीन की ओर ल्हेंदे नदी क्षेत्र में पहाड़ का बड़ा हिस्सा खिसकने से यह आपदा शुरू हुई।
भूकंप नहीं, पहाड़ खिसकने से आया था तेज झटका
बाढ़ से पहले इलाके में करीब 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका महसूस किया गया था। शुरुआत में इसे भूकंप माना जा रहा था, लेकिन अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक चीन की तरफ ल्हेंदे नदी में बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड हुआ था।पहाड़ का भारी हिस्सा नदी में गिरने से पानी और मलबे का अचानक तेज बहाव पैदा हुआ। यही सैलाब आगे बढ़ते हुए भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों तक पहुंचा और देखते ही देखते विनाशकारी बाढ़ में बदल गया।
30 फीट तक ऊपर पहुंचा बाढ़ का पानी
बाढ़ का पानी करीब 30 फीट तक ऊपर पहुंच गया। तेज बहाव इतना शक्तिशाली था कि रास्ते में आने वाले घर, गाड़ियां और कई सरकारी ढांचे इसकी चपेट में आ गए।सड़कों और पुलों के टूटने से राहत एवं बचाव अभियान भी प्रभावित हुआ है। कई इलाकों तक पहुंचने में राहतकर्मियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
150 किलोमीटर दूर चितवन तक पहुंचा मलबा
लैंडस्लाइड के बाद नदी में आया पानी और मलबा बेहद तेज गति से आगे बढ़ा। बहाव की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोगों और मलबे को करीब 150 किलोमीटर दूर चितवन तक बहा ले गया।चितवन में अब तक 33 शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। राहतकर्मी नदी किनारे और मलबे वाले इलाकों में लगातार तलाश अभियान चला रहे हैं।
19 पुल और 40 किमी सड़कें तबाह
अचानक आई बाढ़ से आधारभूत ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ में:
19 पुल तबाह हुए
करीब 40 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं
13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित/तबाह हुए
घर और वाहन तेज बहाव में बह गए
इस तबाही के कारण कई इलाकों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है।
844 लोग अब भी लापता
आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 844 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।नेपाल में लापता लोगों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। बताया गया है कि लापता लोगों में 466 विदेशी और 113 नेपाली शामिल हैं। इनमें 133 भारतीय और 37 NRI भी बताए जा रहे हैं।
कैलाश मानसरोवर जा रहे श्रद्धालु भी फंसे
बाढ़ की चपेट में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे कई श्रद्धालुओं के आने की भी जानकारी सामने आई है। आपदा के बाद यात्रा मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में फंसे लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।राहतकर्मी प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश और बचाव अभियान चला रहे हैं।
खराब मौसम और टूटे रास्तों के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन
बचाव अभियान में सबसे बड़ी चुनौती खराब मौसम और क्षतिग्रस्त सड़कें बनी हुई हैं। कई जगह मलबा जमा होने और रास्ते टूटने के कारण राहतकर्मियों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।इसके बावजूद राहत टीमें मलबे में दबे और लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।