भोपाल - मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन राजनीतिक और विधायी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोहन यादव सरकार आज सदन में कई अहम विधेयकों के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करने जा रही है। सबसे ज्यादा चर्चा समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक-2026 को लेकर है, जिसे सरकार सदन के पटल पर चर्चा और पारित कराने के लिए रखेगी। इस विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे की पूरी संभावना जताई जा रही है।
UCC विधेयक पर होगी सबसे बड़ी सियासी टक्कर
समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को लेकर प्रदेश की राजनीति पहले से ही गर्म है। भाजपा इसे सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसे कई संवेदनशील पहलुओं से जोड़कर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि जैसे ही यह विधेयक सदन में पेश होगा, विपक्ष जोरदार विरोध दर्ज कराएगा और इस पर लंबी बहस देखने को मिल सकती है।
इन 8 अहम विधेयकों पर रहेगी नजर
आज सरकार कुल आठ महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन से पारित कराने का प्रयास करेगी। इनमें समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक-2026, मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक और कार्यस्थल सशक्तिकरण (श्रम शक्ति संहिता) विधेयक प्रमुख हैं। धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय की स्थापना के माध्यम से सरकार चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा देने की योजना बना रही है, जबकि श्रम शक्ति संहिता का उद्देश्य प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और श्रमिकों के हितों को मजबूत करना है।
अनुपूरक बजट पेश करेंगे वित्त मंत्री
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे। इस बजट के जरिए सरकार विभिन्न विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण योजनाओं और अन्य विभागों के लिए अतिरिक्त धन की मंजूरी लेगी। सरकार का दावा है कि यह बजट विकास कार्यों को नई गति देगा।
किसानों और फैक्ट्री ब्लास्ट पर सरकार को घेरने की तैयारी
आज विपक्ष शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जरिए कई जनहित के मुद्दे उठाएगा। भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय विश्नोई जबलपुर के मझौली क्षेत्र में किसानों को धान और गेहूं की खरीदी का भुगतान न मिलने का मुद्दा अपनी ही सरकार के सामने उठाने वाले हैं। वहीं विधायक सोहनलाल बाल्मीक परासिया ब्लास्ट में घायल मजदूरों को मुआवजा और इलाज न मिलने का मामला सदन में उठाएंगे। इसके अलावा भोपाल में पेयजल और सीवेज संकट, बढ़े हुए रजिस्ट्री शुल्क, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और अन्य स्थानीय समस्याओं पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

विपक्ष के तेवर सख्त, हंगामे के पूरे आसार
कांग्रेस विधायक दल पहले ही साफ कर चुका है कि वह अनुपूरक कार्यसूची के तहत अचानक लाए जा रहे विधेयकों का विरोध करेगा। विपक्ष का आरोप है कि सरकार बिना पर्याप्त चर्चा के महत्वपूर्ण कानून पारित कराना चाहती है। ऐसे में आज विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस, नारेबाजी और हंगामे कीपूरी संभावना है। प्रदेश की राजनीति की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इन विधेयकों को किस रणनीति के तहत पारित कराती है और विपक्ष उसका कितना प्रभावी विरोध कर पाता है।