भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। शनिवार के लिए जारी पूर्वानुमान में 35 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें कई जिलों में तेज बारिश तो कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। लगातार सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण पूर्वी, मध्य और दक्षिणी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश भी हो सकती है।
35 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा समेत 35 जिलों में बारिश का असर देखने को मिलेगा। वहीं रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
13 इंच बारिश, लेकिन सामान्य से अभी भी कम
24 जून से शुरू हुए मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में औसतन 330.4 मिमी (करीब 13 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जो पूरे मानसून की सामान्य वर्षा का लगभग 35 प्रतिशत है। हालांकि पिछले कुछ दिनों की बारिश से स्थिति में सुधार हुआ है, फिर भी प्रदेश में औसतन करीब 11 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
देवास सबसे आगे, आलीराजपुर सबसे पीछे
बारिश के आंकड़ों में देवास जिला सबसे आगे है, जहां अब तक 19.6 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, दमोह, डिंडोरी और अनूपपुर में भी 16 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है। वहीं आलीराजपुर अब भी सबसे कम बारिश वाले जिलों में शामिल है।
जलभराव और स्थानीय बाढ़ का खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी के कारण प्रदेश में वातावरण में 80 से 95 प्रतिशत तक आर्द्रता बनी हुई है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों के उफान और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।