मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में जहां बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि का दौर जारी है, वहीं पश्चिमी इलाके भीषण गर्मी से परेशान हैं। मौसम केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार शाम तक छतरपुर जिले के खजुराहो में 0.4 मिमी, सिवनी में 1.0 मिमी और बालाघाट के मलाजखंड में 5.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।
गुरुवार रात भिंड, छतरपुर और शिवपुरी में ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं दमोह, रीवा और टीकमगढ़ में हल्की बारिश ने मौसम को बदला। राजधानी भोपाल के नवीबाग समेत देवास, राजगढ़ और विदिशा में धूलभरी आंधी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रतलाम सबसे गर्म
प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। रतलाम में अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। नरसिंहपुर और खजुराहो अपवाद रहे।
मौसम प्रणालियों का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। वहीं मध्य पाकिस्तान से राजस्थान और हरियाणा होते हुए उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश तक एक द्रोणी बनी हुई है। इसके अलावा कोमोरिन क्षेत्र से दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश तक भी एक अन्य द्रोणी सक्रिय है।इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ रही है, जिसके कारण प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है।
अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट समेत कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।