भोपाल। सागर जिले की बीना सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। सप्रे ने कहा कि यदि कांग्रेस बीना को जिला बनाए और 300 करोड़ रुपए विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराए, तो वह कांग्रेस में बने रहने को तैयार हैं। उनका बयान राजनीतिक हलकों में खलबली मचा रहा है और दल-बदल की संभावना पर सवाल खड़े कर रहा है।
निर्मला सप्रे बोलीं: कोर्ट करेगा आगे का निर्णय
निर्मला सप्रे ने कहा, “जहां कोर्ट डिसाइड करेगा, मैं वहीं रहूंगी। जनता ने अपना निर्णय दे दिया है।” उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल कोर्ट में लंबित मामले के कारण वे पार्टी और मीडिया पर टिप्पणी नहीं कर सकतीं। सप्रे ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान 5 मई 2024 को राहतगढ़ में सीएम डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में मंच पर पहुंचकर कांग्रेस से दूरी दिखाई थी।
सप्रे का आरोप: पार्टी में षड्यंत्र
निर्मला सप्रे ने कहा कि पार्टी में कुछ लोग उन्हें सक्रिय विधायक के रूप में काम करने से रोकना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीना में पिछले 15-20 साल में जो काम नहीं हुए, वे उसे करवा रही हैं और यही कुछ लोगों को पसंद नहीं आ रहा। कांग्रेस कार्यालय न जाने के सवाल पर भी निर्मला सप्रे ने कहा, मुझे जहां से आमंत्रण होता है, मैं वहां जाती हूं। जो मुझे बुलाता है मैं वहां चली जाती हूं। पार्टी के कुछ लोग नहीं चाहते कि वे विधायक के रूप में सक्रिय रहें।
पीसी शर्मा बोले,ये खुली सौदेबाजी
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कफ निर्मला सप्रे की सच्चाई खुलकर सामने आई है। अगर कोई विधायक खुले मंच से यह कहे कि ‘300 करोड़ रुपए और बीना को जिला बना दो तो कांग्रेस ज्वाइन कर लूंगी’, तो इससे बड़ा सबूत और क्या होगा कि वे आज भी कांग्रेस में नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा मामला राजनीतिक सौदेबाजी और सत्ता के दबाव का खेल बन चुका है। शर्मा ने कहा, जनता को भ्रमित करने के लिए कभी इधर तो कभी उधर की राजनीति की जा रही है। पीसी शर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष से तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी की। उन्होंने कहा, जब खुद विधायक यह स्वीकार कर रही हैं कि उन्हें कांग्रेस ‘ज्वाइन’ करनी पड़ेगी, तो इसका सीधा मतलब है कि वर्तमान में वे कांग्रेस का हिस्सा नहीं हैं। लोकतंत्र मजाक नहीं है कि जनता के जनादेश को सत्ता और सौदों के तराजू पर तौला जाए। उन्होने विधानसभा अध्यक्ष से सप्रे की सदस्यता रद्द करने और बीना में उपचुनाव कराने की मांग भी की।