खंडवा जिले की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ज्योतिर्लिंग श्री ओंकारेश्वर मंदिर में नई दर्शन व्यवस्था लागू कर दी गई है। प्रशासन का दावा है कि नई व्यवस्था के तहत अब एक मिनट में 100 से अधिक श्रद्धालु सुगमता से बाबा ओंकारेश्वर के दर्शन कर पा रहे हैं।
एकादशी से लागू हुई नई व्यवस्था
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री ओंकारेश्वर मंदिर में एकादशी से नई दर्शन व्यवस्था लागू कर दी गई है। सावन की शुरुआत और आगामी सिंहस्थ मेले को देखते हुए जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह बदलाव किया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मंदिर परिसर में दर्शन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और सुगम हो गई है।
शुकदेव मुनि द्वार के चौड़ीकरण से मिली राहत
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा आधार शुकदेव मुनि द्वार का चौड़ीकरण है। इस कार्य के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान हो गई है। अब श्रद्धालुओं को लगभग 10 फीट की दूरी से व्यवस्थित तरीके से बाबा ओंकारेश्वर के दर्शन कराए जा रहे हैं, जबकि निकासी चांदी द्वार से कराई जा रही है। इससे प्रवेश और निकास का प्रवाह अलग-अलग होने के कारण भीड़ का दबाव काफी कम हुआ है।
एक मिनट में 100 से अधिक श्रद्धालु कर रहे दर्शन
जिला प्रशासन के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के बाद दर्शन की गति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। अब एक मिनट में 100 से अधिक श्रद्धालु आसानी और व्यवस्थित तरीके से दर्शन कर पा रहे हैं। इससे लंबी कतारों में लगने वाला समय भी कम होने की उम्मीद है, विशेषकर सावन और त्योहारों के दौरान।
श्रद्धालुओं ने की नई व्यवस्था की सराहना
देश के विभिन्न राज्यों से ओंकारेश्वर पहुंचे श्रद्धालुओं ने नई व्यवस्था की सराहना की है। उनका कहना है कि पहले की तुलना में अब बिना धक्का-मुक्की के शांतिपूर्ण और संतोषजनक दर्शन हो रहे हैं। श्रद्धालुओं ने इसे प्रशासन का सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि इससे मंदिर आने वाले लाखों भक्तों को राहत मिलेगी।
सावन और सिंहस्थ की तैयारियों का हिस्सा
प्रशासन का कहना है कि आगामी सावन और सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि को देखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य दर्शन को अधिक सुरक्षित, तेज और सुव्यवस्थित बनाना है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।