भोपाल। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 जून से 22 जून तक मध्यप्रदेश के चार दिवसीय दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वे बैतूल, खंडवा, जबलपुर और श्योपुर जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर राज्य प्रशासन और जिला स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सभी कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल की उपस्थिति भी प्रस्तावित है।
बैतूल में आदिवासी महासम्मेलन में होंगी शामिल
18 जून को राष्ट्रपति पहुंचेंगी। यहां लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित ‘आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण’ विषयक विशाल आदिवासी महासम्मेलन में वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी और संबोधन देंगी। कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा, यातायात, हेलीपैड और प्रोटोकॉल से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिले में लगभग एक हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती प्रस्तावित है।
ओंकारेश्वर में दर्शन और रात्रि विश्राम
18 और 19 जून को राष्ट्रपति जाएंगी। यहां वे ज्योतिर्लिंग के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी। 19 जून को वे सिकल सेल से जुड़े एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगी। दो दिवसीय प्रवास के दौरान उनका रात्रि विश्राम ओंकारेश्वर बांध परियोजना के विश्रामगृह में प्रस्तावित है। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए सड़क सुधार, यातायात और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में तेजी लाई गई है।
श्योपुर में कुनो नेशनल पार्क का भ्रमण
21 जून को राष्ट्रपति ग्वालियर एयरपोर्ट से सीधे पहुंचेंगी। यहां वे का भ्रमण करेंगी और रात्रि विश्राम करेंगी। प्रशासन ने 20 से 22 जून तक कराहल-विजयपुर क्षेत्र को नो-फ्लाइंग जोन घोषित करने के निर्देश दिए हैं। साफ-सफाई, स्वास्थ्य, अग्निशमन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
जबलपुर में योग कार्यक्रम और दीक्षांत समारोह
21 जून को राष्ट्रपति में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल हो सकती हैं। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भी उनकी उपस्थिति प्रस्तावित है। लगभग दो दशकों बाद राष्ट्रपति की मौजूदगी में दीक्षांत समारोह आयोजित होगा, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और उपाधियां प्रदान की जाएंगी।
प्रशासनिक तैयारियां तेज
मुख्य सचिव द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राष्ट्रपति दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, स्वच्छता, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और आवागमन जैसी सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह दौरा प्रदेश के लिए ऐतिहासिक अवसर होगा और इसे सफल बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।