जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के Gen-Z आंदोलन के बीच छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर अब फिल्म जगत से भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अभिनेता रघुवीर यादव के बाद अब वरिष्ठ बॉलीवुड अभिनेता रजा मुराद ने भी बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार की अपील करते हुए कहा कि देश के भविष्य को लाठियों से नहीं, संवाद से संभालना चाहिए।
रजा मुराद ने जताई गहरी चिंता
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से जुड़े वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र देश और समाज के ही बच्चे हैं, इसलिए उनके साथ सख्ती नहीं बल्कि संवेदनशीलता और संवाद का व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात बेहद दुखद हैं और किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की आवाज को समझने का प्रयास होना चाहिए।
'बच्चों के जख्मों पर मरहम लगाइए'
सोशल मीडिया पर जारी अपने वीडियो संदेश में रजा मुराद ने कहा कि यदि परिवार का कोई बच्चा नाराज़ होता है तो उसे समझाया जाता है, न कि उसके साथ कठोर व्यवहार किया जाता है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के जज़्बात आहत हुए हैं, उन्हें सहानुभूति और भरोसे की जरूरत है। उनके शब्दों में, "जख्मों पर मरहम लगाया जाता है, नमक नहीं।" उन्होंने अपील की कि छात्रों के साथ बातचीत कर उनकी चिंताओं का समाधान निकाला जाए।
'यही बच्चे देश का भविष्य हैं'
रजा मुराद ने कहा कि आज जिन युवाओं की आवाज उठ रही है, वही आने वाले समय में देश की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों से आग्रह किया कि छात्रों की भावनाओं को समझें और ऐसा माहौल बनाया जाए, जिससे उनका लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास मजबूत हो। उन्होंने यह भी कहा कि देश केवल सीमाओं का नाम नहीं, बल्कि एक परिवार है और छात्र उसी परिवार का हिस्सा हैं।
रघुवीर यादव ने भी उठाए थे सवाल
इससे पहले अभिनेता रघुवीर यादव ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। उन्होंने छात्रों के साथ हुई कथित सख्ती पर चिंता जताते हुए संवेदनशील रवैया अपनाने की अपील की थी। रघुवीर यादव के बयान के बाद अब रजा मुराद की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे पर फिल्म जगत की चर्चा को और तेज कर दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
रजा मुराद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। छात्रों के आंदोलन और उस पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस लगातार जारी है।