भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पर चर्चा के बीच भाजपा ने इसे लेकर अपना रुख और स्पष्ट कर दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) आजादी के तुरंत बाद ही लागू हो जाना चाहिए था। उन्होंने दावा किया कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर भी सभी नागरिकों के लिए समान कानून के पक्षधर थे। साथ ही कांग्रेस से इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की।
UCC पर बीजेपी का बड़ा बयान
हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य किसी धर्म विशेष को प्रभावित करना नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को एक समान कानूनी अधिकार उपलब्ध कराना है। उनके अनुसार, लंबे समय से लंबित इस सुधार को अब मध्य प्रदेश सरकार आगे बढ़ा रही है और यह सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि UCC लागू होने से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति जैसे नागरिक मामलों में समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित होगी, जिससे कानून के समक्ष सभी नागरिक बराबरी की स्थिति में होंगे।
कांग्रेस से समर्थन की अपील
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस से इस विधेयक का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देशहित और समाजहित का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अतीत में कई ऐसे फैसले लिए, जिनकी आलोचना होती रही है। अब जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार UCC से जुड़े कानून और विधायी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है, तो विपक्ष को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
'हर नागरिक को समान अधिकार मिलने चाहिए'
हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि संविधान की मूल भावना सभी नागरिकों को समान अधिकार देने की है। उनके अनुसार, समान नागरिक संहिता इसी सिद्धांत को मजबूत करती है और इससे महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों को समान कानूनी संरक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि नागरिक अधिकारों से जुड़े मामलों में समानता स्थापित हो और न्याय व्यवस्था अधिक प्रभावी बने।
मध्य प्रदेश में UCC पर बढ़ी सियासी हलचल
मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC विधेयक पेश होने के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा इसे ऐतिहासिक सुधार बता रही है, जबकि कांग्रेस समेत विपक्षी दल इसके विभिन्न प्रावधानों पर सवाल उठा रहे हैं। विधानसभा में इस मुद्दे पर तीखी बहस की संभावना बनी हुई है।
क्या है Uniform Civil Code (UCC)?
समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का अर्थ है कि विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेना, भरण-पोषण और संपत्ति जैसे व्यक्तिगत नागरिक मामलों में धर्म आधारित अलग-अलग कानूनों के स्थान पर सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून लागू हो। यह विषय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों का हिस्सा है, जिसमें राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करने की बात कही गई है।