उज्जैन- उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भाद्रपद महापर्व के दौरान दर्शन और आरती का समय बदल दिया गया है। मंदिर प्रशासन द्वारा जारी नए शेड्यूल के अनुसार 30 जुलाई से 7 सितंबर 2026 तक श्रद्धालुओं को प्रतिदिन लगभग 19 घंटे तक भगवान महाकाल के दर्शन का लाभ मिलेगा। बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए मंदिर के पट सामान्य दिनों की तुलना में पहले खोले जाएंगे।
रविवार को रात 2:30 बजे, बाकी दिनों में 3 बजे खुलेंगे पट
महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, सामान्य दिनों में मंदिर के पट सुबह 4 बजे खुलते हैं। लेकिन श्रावण-भाद्रपद महापर्व के दौरान रविवार को रात 2:30 बजे और सोमवार से शनिवार तक रात 3:00 बजे मंदिर के द्वार खोल दिए जाएंगे। इसके बाद भगवान महाकाल की विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती संपन्न होगी।
पांचों आरतियों में मिलेगी चलायमान दर्शन की सुविधा
मंदिर प्रशासन ने बताया कि वर्तमान में केवल भस्म आरती के दौरान ही चलायमान दर्शन की व्यवस्था रहती है, लेकिन श्रावण और भाद्रपद माह में होने वाली पांचों पहर की आरतियों के दौरान भी श्रद्धालु चलायमान दर्शन कर सकेंगे। इससे बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों को सुविधा मिलेगी।
श्रद्धालुओं के लिए तीन कतारों की व्यवस्था
श्रावण में लाखों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए कार्तिकेय मंडपम में एक साथ तीन कतारें संचालित की जाएंगी। इससे दर्शन व्यवस्था अधिक सुचारु रहेगी और भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष फोकस
महाकाल मंदिर समिति ने श्रावण महापर्व को देखते हुए सुरक्षा, बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा, पार्किंग और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन कराना है।