दिल्ली में ऑटो, टैक्सी और मिनी बस चालकों के विभिन्न संगठनों ने सोमवार यानी आज से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। जिससे यात्रियों को परेशानी हो सकती है। विभिन्न यूनियन किराया दरों में बढ़ोतरी और सीएनजी की कीमतों में कमी किए जाने की मांग कर रही हैं। भारतीय मजदूर संघ की इकाई दिल्ली ऑटो एंड टेक्सी एसोसिएशन ने 18 और 19 अप्रैल को दिल्ली में हड़ताल का ऐलान किया है। उनका दावा है कि इन दो दिनों में बड़ी संख्या में ऑटो और कैब दिल्ली की सड़को पर नहीं उतरेंगे। वहीं दिल्ली के सर्वोदय ड्राइवर एसोसिएशन ने कहा कि वो सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेगी।
संगठनों ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया है
दिल्ली सरकार द्वारा समयबद्ध तरीके से किराया संसोधन पर विचार करने के लिए एक समिति बनाने की घोषणा किए जाने के बावजूद संगठनों ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। दिल्ली के सर्वोदय ड्राइवर एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलजीत गिल ने कहा, ईधन की कीमतों में कमी और किराए में संसोधन कर हमारी मदद के लिए सरकार द्वारा कोई कदम न उठाए जाने पर हमने सोमवार से हड़ताल पर जाने का फैसला किया है।
सीएनजी की कीमतों पर 35 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी प्रदान करें
सीएनजी की कीमतों पर सब्सिडी की मांग को लेकर सैकड़ों ऑटो, टैक्सी और कैब चालकों ने हाल ही में दिल्ली सचिवालय पर विरोध प्रदर्शन किया था। दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के महासचिव राजेंद्र सोनी ने कहा, हम जानते है कि दिल्ली सरकार कोई समिति बना रही है लेकिन हमें अपनी समस्याओं का सामाधान चाहिए जो नजर नहीं आ रहा है। हमारी मांग है कि सरकार सीएनजी की कीमतों पर 35 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी प्रदान करें।
ये भी पढ़े-
चना उत्पादक किसानों को शिवराज सरकार की सौगात
आरटीवी बसें भी बंद रहेगी
सोनी ने कहा कि, हम हर रोज घाटे में चल रहे अपने ऑटो और कैब नहीं चला सकते क्योंकि सीएनजी की कीमतें सरपट दौड़ रही हैं। कीमतों में बढ़ोतरी का विरोध करने के लिए यह एक प्रतीकात्मक विरोध है। शहर में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के पूरक के रुप में 90 हजार से ज्यादा ऑटो और 80 हजार से ज्यादा पंजीकृत टैक्सी हैं। एसटीए ऑपरेटर्स एकता मंच के महासचिव श्यामलाल गोला ने कहा कि किराए में संसोधन और सीएनजी की कीमतें घटाए जाने की मांग के समर्थन में लगभग 10 हजार आरटीवी बसें भी बंद रहेगी।
Comments (0)