पुरानी पेंशन योजना को लेकर सियासी जंग (OPS UPDATE)छिड़ी हुई है। सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग लगातार कर रहे हैं। जिसे देखते हुए कई राज्यों में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू भी हो चुकी है। वहीं, अब ओल्ड पेंशन पर केंद्र सरकार(OPS UPDATE) की ओर से खबर सामने आ रही है कि जिन भी राज्यों में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू हो चुकी है वहां पर राज्य सरकारें एनपीएस का पैसा वापस मांग रही हैं, लेकिन मोदी सरकार ने इस पैसे को देने से साफ मना कर दिया है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत कर्मचारियों को दिए जाने वाले वेतन और महंगाई भत्ते का 10 फीसदी राज्य सरकार की तरफ से जमा किया जाता है। राजस्थान में ओपीएस के 5,24,72 ओपीएस अकाउंट हैं। इनमें सरकार की तरफ से 14,171 करोड़ और कर्मचारियों की तरफ से 14,167 करोड़ रुपये जमा किए गए। अगर इसमें ब्याज की राशि को जोड़ा जाए तो यह पैसा 40,157 करोड़ रुपये होता है। राज्य सरकार की तरफ से 19 मई 2022 को जारी नोटिफिकेशन में कहा गया कि कर्मचारियों को एनपीएस के अंशदान को ब्याज समेत राज्य सरकार को लौटाना होगा।
केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को पैसे देने से साफ इंकार कर दिया है तो राज्य सरकार नोटिफिकेशन में बदलाव करने का प्लान कर रही है। वहीं, केंद्र सरकार सरकारी कर्मचारियों को फायदा देने के लिए एनपीएस में ही बदलाव करने का प्लान कर रही है। आपको बता दें केंद्र सरकार ने जानकारी देते हुए बताया है कि जनवरी 2004 के बाद नियुक्त हुए 5.24 लाख कर्मचारियों में से 3554 एक साल पहले रिटायर हो चुके हैं। ऐसे कर्मचारियों को पेंशन का फायदा नहीं मिल पाया है।
OPS में ज्यादा फायदा
नई और पुरानी पेंशन योजना में बहुत अंतर है, जिसकी वजह से कर्मचारी और पेंशनर्स ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। OPS में रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को सैलरी की आधी राशि पेंशन के रूप में मिलती है। वहीं, नई पेंशन स्कीम में कर्मचारी की बेसिक सैलरी+डीए का 10 फीसद हिस्सा कटता है। पुरानी पेंशन स्कीम की खास बात यह कै इसमें कर्मचारियों की सैलरी से कोई भी पैसा नहीं कटता है। इसके अलावा नई पेंशन में 6 महीने बाद मिलने वाले डीए का भी प्रावधान नहीं है। इसके अलावा ओल्ड पेंशन में पेमेंट सरकार की ट्रेजरी के जरिए किए जाता है। वहीं, नई पेंशन में निश्चित पेंशन की कोई भी गारंटी नहीं होती है।
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