पंजाब में पंचायती जमीनों पर अवैध कब्जा के मामले में सीएम भगवंत मान ने फरमान जारी किया है। भगवंत मान ने अवैध कब्जे छोड़ने के लिए 31 मई तक का समय दिया है। मान ने चेतावनी दी है कि अगर कब्जा नहीं छोड़ा तो फिर पुराने खर्चे और पर्चे दर्ज किए जाएगे। सीएम भगवंत मान ने लिखा, जन व्यक्तियों ने सरकारी या पंचायती जमीनों पर अवैध कब्जे किए हैं, चाहे वह राजनीतिक लोग, अफसर या फिर कोई रसूखदार हो, मैं अपील करता हूं कि 31 मई तक अवैध कब्जे छोड़ जमीन सरकार को दे दें, वर्ना पुराने खर्चे और पर्चे डाले जा सकते हैं।
पंचायती विकास मंत्री कुलदीप धालीवाल मोहाली, अमृतसर के अलावा कई जगहों पर जमीन खाली करा चुके हैं
भगवंत मान सरकार ने पंजाब में 31 मई तक 5 हजार एकड़ पंचायती जमीन खाली कराने का लक्ष्य रखा है। हालांकि अभी तक सरकार सिर्फ 300 एकड़ जमीन ही छुड़ा सकी है। पंचायती विकास मंत्री कुलदीप धालीवाल मोहाली, अमृतसर के अलावा कई जगहों पर जमीन खाली करा चुके हैं। हालांकि कुछ जगहों पर उन्हें किसान यूनियन का भी विरोध भी सहन करना पड़ा। जिसके बाद मान ने ये सीधी चेतावनी जारी की है।
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सरकार ने कहा कि इन जमीनों का फायदा सरकार को होना चाहिए।
पंजाब में सत्ता मिलने के बाद मान सरकार ने पंचायती जमीनों पर अवैध कब्जों की जांच की है। इसमें पता चला कि करीब 50 हजार एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा है। कब्जा करने वालों में नेता, रिटायर्ड अफसर और रसूखदार लोग शामिल है। सरकार ने कहा कि इन जमीनों का फायदा सरकार को होना चाहिए। इसलिए इन्हें खाली करवाकर पंचायतों को सौंपा जाएगा। इसे वह आगे ठेके पर देकर खेती के द्वारा कमाई कर सकेंगी।
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