प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह नए संसद भवन की छत पर बने राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ का अनावरण किया। इस अवसर पर उनके साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मौजूद रहे। ये अशोक स्तंभ 9500 किलोग्राम के वजन के साथ कांस्य से बना है। इसकी ऊंचाई 6.5 मीटर है। इसे नए संसद भवन सेंट्रल फोयर के शीर्ष पर कास्य किया गया है।
नए संसद भवन में 1224 सदस्य बैठेंगे
इस स्तंभ का निर्माण 2 हजार से ज्यादा कर्मचारियों ने किया है। इस नए संसद भवन में 1224 सदस्य बैठेंगे। इस भवन का निर्माण दिसंबर 2022 तक पूरा करने की योजना है। बताया जा रहा है कि ये नया संसद भवन शीतकालीन सत्र के दौरान बनकर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।
तैयारी 8 अलग-अलग चरणों में की गई
पीएम मोदी ने अनावरण के बाद निर्माण कार्यों में लगे कामगरों के साथ बातचीत की और उनका हालचाल जाना। जानकारी के अनुसार, नए संसद भवन की छत पर राष्ट्रीय प्रतीक की ढलाई की अवधारणा और प्रक्रिया, मिट्टी मॉडलिंग और कंप्यूटर ग्राफिक्स से लेकर कांस्य कास्टिंग और पॉलिशिंग तक की तैयारी 8 अलग-अलग चरणों में की गई।
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क्या है अशोक स्तंभ
मौर्य वंश के तीसरे शासक सम्राट अशोक प्राचीन काल में भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे शक्तिशाली राजाओं में से एक थे। उन्होंने 273 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व तक भारत में शासन किया। अशोक ने देश के कई भागों में कई स्पूतों और स्तंभों का निर्माण कराया। इसमें से एक स्तंभ जो सारनाथ में स्थित है, उसे अशोक स्तंभ कहा जाता है, ये भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के रुप में आजादी के बाद अपनाया गया है।
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