राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली नवनिर्वाचित सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। 18वीं लोकसभा के गठन के बाद संसद की संयुक्त बैठक में मुर्मू का यह पहला संबोधन है। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने आपातकाल पर करारा हमला बोला।
आपातकाल संविधान पर सीधा हमला था
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि, आने वाले कुछ महीनों में भारत एक गणतंत्र के रूप में 75 वर्ष पूरे करने जा रहा है। भारतीय संविधान ने बीते दशकों में हर चुनौती और कसौटी पर खरा उतरा है। देश में संविधान लागू होने के बाद भी संविधान पर कई हमले हुए हैं। 25 जून 1975 को लागू किया गया आपातकाल संविधान पर सीधा हमला था। जब इसे लगाया गया तो पूरे देश में हाहाकार मच गया था, लेकिन देश ने ऐसी संवैधानिक ताकतों पर विजय प्राप्त की है।
आज विपक्ष ने भी इस बात को माना
वहीं हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भाषण पर कहा कि, राष्ट्रपति जी ने हमारा मार्गदर्शन किया और हमारी सरकार ने जिस तरह से काम किया है उसका भी उन्होंने पूरा विवरण किया। ऐसा लगता है कि, हमारा जो भारत है वो विश्व में सबसे ज्यादा तेजी से प्रगति कर रहा है और आगे बढ़ रहा है। इस बात की सबने प्रशंसा की। कंगना ने आगे कहा कि, मुझे तो लगा कि, आज विपक्ष ने भी इस बात को माना। क्योंकि ज्यादा हल्ला वहां नहीं हुआ।
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