Bihar - बिहार में आज यानी 7 जनवरी 2023 से जाति के आधार पर जनगणना शुरू हो गई है। इस परियोजना पर 500 करोड़ रुपए खर्च होगे। बता दें कि, सरकार इसे 2 चरणों में पूरा करेगी। पहला चरण 21 जनवरी तक पूरा होने की संभावना है। इसमें प्रदेश के सभी घरों की संख्या की गिनती की जाएगी। वहीं दूसरे चरण में मार्च से सभी जातियों, उप-जातियों और धर्मों के लोगों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।
पहले चरण की जनगणना
पहले चरण में प्रदेश के सभी आवासीय परिसर की गिनती की जाएगी। इसमें लगभग 5.18 लाख से अधिक कर्मचारी 2 करोड़ 58 हजार 497 परिवारों तक पहुंचेंगे। परिवार के मुखिया का नाम दर्ज होगा और परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी रजिस्टर में लिखी जाएगी।
दूसरे चरण की जनगणना
वहीं दूसरे चरण में 30 अप्रैल तक जाति के आधार पर गिनती की जाएगी। इसमें 26 प्रकार की जानकारी लोगों से ली जाएगी। राज्य के बाहर रहने वाले लोगों के नाम भी दर्ज किए जाएंगे। इसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से डीएम को निर्देश दिए गए है। दूसरा चरण में सामाजिक-आर्थिक से जुड़ी जानकारियां ली जाएंगी। पटना में कुल 20 लाख परिवार हैं, जिनकी गिनती पहले चरण में होगी।
मोबाइल एप्लिकेशन से ली जाएगी जानकारी
जानकारी के अनुसार, पंचायत से लेकर जिला स्तर तक 8 स्तरीय सर्वेक्षण के तहत एक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से जानकारी डिजिटल रूप से एकत्र की जाएगी। बता दें कि, एप के माध्यम से जाति, स्थान, परिवार के सदस्यों की संख्या, उनके पेशे और बार्षिक आय के बारे में सवाल होंगे। जनगणना कर्मियों में शिक्षक, आंगनवाड़ी, मनरेगा या जीविका कार्यकर्ता शामिल है।
इससे सभी को होगा लाभ - सीएम
जातिगत जनगणना का पहला चरण आज से शुरू हो गया है। पहले चरण में आवासीय मकानों पर नंबर डाले जाएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी 'समाधान यात्रा' के दौरान कहा कि, इस जनगणना के दौरान केवल जातियों की गणना नहीं, बल्कि राज्य के हर परिवार के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी। उससे देश के विकास और समाज के उत्थान में बहुत फ़ायदा होगा।
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