मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केदारनाथ धाम के बाद रूद्रप्रयाग के प्रसिद्ध कालीमठ मंदिर दर्शन करने पहुंचे। मां काली का आशीर्वाद लेने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। स्थानीय जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं ने सीएम धामी का जोरदार स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं से चर्चा की
बता दें सीएम धामी चंपावत से उपचुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में लगता है वे अपनी जीत को सुनिश्चित करने मां काली के दर्शन करने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। कालीमठ मंदिर सबसे ताकतवर मंदिरों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि, सच्चे मन से मांगी मनोकामना जरुर पूरी होती है। इसलिए सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मां काली के दरबार पहुंचे।
अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए मां काली के दर्शन करने पहुंचे
पौराणिक मान्यता है कि माता सती ने पार्वती के रूप में दूसरा जन्म इसी शिलाखंड में लिया था। वहीं, कालीमठ मंदिर के समीप मां ने रक्तबीज का वध किया था। उसका रक्त जमीन पर न पड़े, इसलिए महाकाली ने मुंह फैलाकर उसके रक्त को चाटना शुरू किया। रक्तबीज शिला नदी किनारे आज भी स्थित है।
इसी दिव्य स्थान पर कालिदास ने मां काली को प्रसन्न कर विद्वता को प्राप्त किया था
इस शिला पर माता ने उसका सिर रखा था। रक्तबीज शीला वर्तमान समय में आज भी मंदिर के निकट नदी के किनारे स्थित है। कालीमठ मंदिर में एक अखंड ज्योति निरंतर जली रहती है। भारतीय इतिहास के अद्वितीय लेखक कालिदास का साधना स्थल भी यही रहा है। इसी दिव्य स्थान पर कालिदास ने मां काली को प्रसन्न कर विद्वता को प्राप्त किया था। इसके बाद कालीमठ मंदिर में विराजित मां काली के आशीर्वाद से ही उन्होंने अनेक ग्रन्थ लिखे।
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