दीवाली में अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। दिवाली को लेकर भारत में लोग बहुत ही उत्तसाहित रहते हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी पटाखे छुड़ाते हैं। लेकिन पिछले कई सालों से दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री और चलाने पर रोक लगा दी जाती है। इस बार रोक का ऐलान अभी से कर दिया गया है। गुरुग्राम जिला प्रशासन ने प्रदूषण के मद्देनजर पटाखों के भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। जिलाधिकारी सह उपायुक्त निशांत कुमार यादव की तरफ से जारी आदेश में ई-वाणिज्य कंपनियों जैसे अमेजन और फ्लिपकार्ट को भी पटाखों के वास्ते ऑनलाइन आर्डर लेने से रोक दिया गया है।
आदेश गुरुग्राम जिले में 1 नवंबर, 2023 से प्रभावी होगा
ये आदेश गुरुग्राम जिले में 1 नवंबर, 2023 को प्रभाव में आ जायेंगे एवं 31 जनवरी, 2024 तक प्रभाव में रहेंगे। आदेश में कहा गया है, उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार बस हरित पटाखे, जो कम प्रदूषण करते हैं, ही गुरुग्राम जिले में लाइसेंसधारक व्यापारियों द्वारा बेचे जा सकते हैं। अन्य पटाखों के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गयी है क्योंकि ये बहुत अधिक वायु एवं ध्वनि प्रदूषण करते हैं एवं ठोस अपशिष्ट की समस्या भी खड़ी करते हैं। आदेश में कहा गया है, ‘‘ हरित पटाखे भी दिवाली के त्योहार पर रात 8 बजे से 10 बजे तक तथा क्रिसमस एवं नये साल पर रात 11 बजकर 55 मिनट से साढ़े बारह बजे तक चलाने की अनुमति होगी।दिल्ली सरकार ने पटाखों पर पूरी तरह बैन लगाया
वहीं इससे पहले पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी दिल्ली में ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि बेरियम को पटाखों में केमिकल के तौर पर इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। पटाखा निर्माता कंपनियों ने कोर्ट से इसकी मांग की थी। कोर्ट ने आगे कहा कि जॉइंट क्रैकर्स के निर्माण और इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी जा सकती। साथ ही पटाखों पर दिल्ली सरकार द्वारा लगाए गए बैन पर भी सुप्रीम कोर्ट ने कोई टिप्पणी नहीं की। बता दें कि दिल्ली सरकार ने पटाखों पर पूरी तरह बैन लगाया है, जिसमें ग्रीन क्रैकर्स भी शामिल हैं, जिनपर बैन जारी रहेगा।Read More: पीएम मोदी 2 अक्टूबर को हितग्राहियों को करवाएंगे गृह प्रवेश, सीएम शिवराज ने की तैयारियों की समीक्षा
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