सूचना और प्रसारण मंत्रालय (Ministry of I&B) ने टेलीविजन चैनलों को महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के खिलाफ हिंसा सहित दुर्घटनाओं, मौतों और हिंसा की घटनाओं की रिपोर्टिंग के दौरान कोड फॉलो करने की एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की घटनाओं की रिपोर्टिंग का तरीका दर्शकों के लिए परेशान करने वाला है।
कार्यक्रम कोड और विज्ञापन कोड पालन करने की दी चेतावनी
सोमवार को Ministry of I&B ने एडवाइजरी जारी कर टीवी चैनलों को सख्त कोड अपनाने की हिदायत दी। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि “टेलीविज़न, एक ऐसा मंच होने के नाते जो आमतौर पर घरों में पूरे परिवारों द्वारा सभी समूहों के लोगों के साथ देखा जाता है ऐसे में प्रसारकों के बीच अनुशासन की जिम्मेदारी बड़ जाती है।”
बता दें कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने बयान में विशेष रुप से ऋषभ पंत की कार में हुई दुर्घटना और दिल्ली में हुई अंजली के शव को घसीटें जाने वाली फुटेज का विशेष रूप से जिक्र किया।
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एक बयान में, मंत्रालय ने चैनलों को इस तरह की सामग्री प्रसारित करने के खिलाफ एडवाइजरी देते हुए एक कड़ी चेतावनी जारी की जिसमें मंत्रालय ने बच्चों पर प्रतिकूल मनोवैज्ञानिक प्रभाव का हवाला दिया।मंत्रालय ने कहा कि चैनलों द्वारा सोशल मीडिया से लिए जा रहे हिंसक वीडियो में कोई एडिटिंग नहीं की जा रही है, जिसका महिलाओं और बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है।
बंद किए गए कई YouTube चैनल
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 2021-22 के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) नियम, 2021 के तहत 94 YouTube आधारित समाचार चैनलों और 19 सोशल मीडिया खातों, वेबसाइटों, मोबाइल एप्लिकेशन को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए हैं। सीबीएफसी ने जानकारी दी है कि 2017 से 2022 के बीच उसने 11 गानों को सर्टिफिकेशन देने से मना किया है।
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