कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एशियाई खेलों के लिए अरुणाचल प्रदेश के 3 खिलाड़ियों को चीन द्वारा वीजा देने से मना किए जाने को ''शर्मनाक'' बताया है। उन्होंने कहा कि, चीन को भविष्य में किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता की मेजबानी करने के अधिकार से वंचित किया जाए। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि, जब तक कि, चीन हर मान्यता प्राप्त एथलीट को भाग लेने की अनुमति न दें।
भारत को आधिकारिक तौर पर विरोध दर्ज कराना चाहिए
शशि थरूर ने इस दौरान यह भी कहा कि, एशियाई खेलों के संपन्न होने के बाद भारत को आधिकारिक तौर पर विरोध दर्ज कराना चाहिए। आपको बता दें कि, पिछले दिनों चीन ने महिला खिलाड़ियों न्येमान वांगसु, ओनिलु तेगा और मेपुंग लाम्गु को मान्यता देने से इनकार कर दिया था। वहीं चीन के भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ भारत के विरोध के तौर पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एशियाई खेलों के लिए चीन की अपनी निर्धारित यात्रा रद्द कर दी है।
चीन का आचरण शर्मनाक है - थरूर
कांग्रेस सांसद थरूर ने ‘एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि, चीन का आचरण शर्मनाक है। जब एशियाई खेल समाप्त हो जाएं, तो भारत को आधिकारिक तौर पर विरोध करना चाहिए और मांग करनी चाहिए कि, चीन को भविष्य में किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता की मेजबानी करने के अधिकार से वंचित किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि, जब तक कि, चीन हर मान्यता प्राप्त एथलीट को अपने देश में आने और प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति न दे।
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