उत्तर पश्चिम से लेकर पूर्वोत्तर के हिमालयी राज्यों की ऊंची चोटियों पर शनिवार को बारिश और बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के कई स्थानों पर पारा शून्य तक गिर गया है। लेकिन, उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी लगातार बढ़ रही है। मौसम विभाग ने अगले तीन- चार दिन के दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि की संभावना जताई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के श्रीनगर केंद्र के अनुसार, शनिवार को श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी केसाथ ठंड की एक बार फिर वापसी हुई है। अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा। कश्मीर घाटी के ज्यादातर शहरों में भी इसी तरह का मौसम रहा। हालांकि, ठंड के बावजूद श्रीनगर के ऐतिहासिक डल झील में लोग नौकायन का लुत्फ उठाते नजर आए। आईएमडी ने कहा कि 17 फरवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से 17-21 फरवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में छिटपुट से लेकर हल्की वर्षा और कुछ जगहों पर बर्फबारी हो सकती है।
चक्रवाती परिसंचरण से होगी बारिश
आईएमडी के अनुसार, नगालैंड और उसके आसपास के इलाकों में समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव में, 21 फरवरी तक अरुणाचल प्रदेश में छिटपुट से लेकर व्यापक रूप से हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने की भी संभावना है। 15, 16 और 19 फरवरी को गरज के साथ बारिश और कहीं-कहीं बिजली भी गिर सकती है।
धीरे-धीरे बढ़ेगा तापमान
मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर पश्चिम भारत में अगले दो दिन के दौरान न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। उसके बाद तापमान में 2-3 डिग्री तक वृद्धि होगी। अगले चार दिन के दौरान उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है। पूर्वी भारत में तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आएगा।
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